सिद्धार्थनगर। छुट्टा पशुओं के नियंत्रण व उनके संरक्षण के लिए जिले में गौशाला खोला जाएगा। गौशाला की भूमि के लिए तलाश शुरू हो गई है। पशु चिकित्सा विभाग ने राजस्व विभाग को भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी भेज दिया है। भूमि के मिलते ही गौशाला के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। गौशाला तैयार होने से छुट्टा पशुओं से किसानों को राहत मिलेगी।
छुट्टा पशुओं की संख्या में इजाफा होने से नियंत्रण व उनकी देखभाल की मांग भी उठने लगी। फसलों की क्षति होने पर किसान संगठनों ने समस्या से निजात को लेकर आवाज उठाई गई।फलस्वरूप सरकार ने छुट्टा पशुओं के संरक्षण के उद्देश्य से गौशाला बनवाने की कवायद शुरू की है। गौशाला खोलने हेतु शासन ने पशु चिकित्सा विभाग को पत्र जारी कर दिया है। शासन से निर्देश आने के बाद भूमि की तलाश शुरू कर दी है। भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग को पत्र भी जारी हो गया है। भूमि के मिलते ही गौशाला निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह ने बताया कि गौशाला बनाने का आदेश है। भूमि आवंटन के लिए राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है। भूमि मिलते ही गौशाला बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पांच एकड़ भूमि पर बनाने की योजना
विभागीय जिम्मेदारों के मुताबिक गौशाला पांच एकड़ भूमि पर बनाने की योजना है। पांच एकड़ भूमि पर गौशाला, चारा व भूसा रखने सहित सारी व्यवस्था रखने की योजना है। वहीं, पांच एकड़ भूमि निशुल्क मांगी गई है। उसी भूमि पर गौशाला बनवाया जाएगा।
एक करोड़ 20 लाख रुपये होगा खर्च
विभाग की माने तो गौशाला बनाने के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किया जाना है। इसमें 50 लाख रुपये आवंटित करने के लिए शासन को पत्राचार भी किया जा चुका है।