डुमरियागंज/इटवा (सिद्धार्थनगर)। जिले के इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्रों में महिलाओं के चोटी कटने की चर्चाएं दूसरे दिन और तेज हो गई है। बुधवार को चार युवतियों-महिलाओं की चोटी कट गई। सभी घटनाएं दिन के उजाले में हुई, बावजूद कोई समझ नहीं पाया कि उनकी चोटी कैसे कट गई। दो दिनों में चोटी कटने के छह मामले सामने आने के बाद दहशत फैल गया है।
पहली घटना इटवा थाना क्षेत्र के धोबहा गांव की है। गांव निवासी रामदास की पुत्री पुष्पा (19) बस्ती के बभनान में बीएससी की छात्रा है। बुधवार की सुबह नहाने के बाद बालों में कंघी कर रही थी। इसी दौरान अचानक सिर के एक हिस्से से बालों का गुच्छा कटकर गिर गया। घटना से वह बेहोश होकर गिर पड़ी। काफी देर बाद उसे होश में आया तो उसने बाल कटने के बारे में कोई जानकारी दे पाने में असमर्थता जताई। इटवा वन ग्राम पंचायत के कनिकपुर में अनिल साहनी की पत्नी गुड़िया (26) आटा गूंथ रही थी। गुड़िया के मुताबिक अचानक सामने एक बिल्ली आई और फिर उसके बाल कट कर गिर गए। गोल्हौरा थाना क्षेत्र के भटगंवा निवासी सुंदरी गौतम (32) सुबह 11 बजे घर के बाहर बरामदे में खड़ी होकर बालों में कंघी कर रही थी। अचानक उसके बाल कटकर गिर पड़े। उधर, भवानीगंज थाना अंतर्गत बस्ती सीमा पर स्थित तिनौहना गांव निवासी सुनील कुमार की पत्नी मीरा (30) बुधवार की सुबह करीब 9 बजे घर के अंदर खाना बना रही थी। इसी दौरान उसके ऊपर किसी जानवर ने हमला बोल दिया, जिसके बाद उसकी चोटी कटने के साथ ही वह बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन उसे उठाकर बेंवा सीएचसी ले आए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे होश आया। चोटी कटने की इन घटनाओं से क्षेत्र की महिलाओं में दहशत व्याप्त हो गया है। लोगों का कहना है कि अभी तक घर से बाहर निकल रही महिलाओं की चोटी या बाल कट रहे थे। लेकिन घर के अंदर भी बाल या चोटी कट जाना समझ से परे है। इस संबंध में भवानीगंज थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। चिडिय़ा और बिल्ली बनकर बाल काटने की बात अंधविश्वास है। लोगों को इस पर यकीन नहीं करना चाहिए।