सस्ते सोने के सिक्कों के चक्कर में गंवाए 4.5 लाख
सिद्धार्थनगर। सस्ते में सोने के सिक्के देने की लालच देकर सुल्तानपुर जिले के एक ज्वैलर्स से 4.5 लाख ठगने के मामले का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। जोगिया थाना क्षेत्र में छह दिन पूर्व हुई घटना में पुलिस ने 1.70 लाख नकदी, कार व बाइक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पुलिस लाइन सभागार में एसपी विजय ढुल ने दी।
सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थानाक्षेत्र के सैफुल्लागंज निवासी अनिल कुमार सोनी ने नौ मार्च 2020 को अपने साथ 4.5 लाख रुपये की ठगी किए जाने की तहरीर जोगिया पुलिस को दी थी। मामले की छानबीन में लगी जोगिया पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की टीम द्वारा रविवार की सुबह जोगिया थानाक्षेत्र के योगमाया मंदिर के निकट बांध के पास से कार सवार तीन लोगों को रोक कर पूछताछ कर तलाशी ली गई। उनके पास से 170500 रुपये नकदी, एक कार, एक बाइक व दो मोबाइल बरामद किया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम पता सुल्तानपुर जिले के कूड़ेभार थानाक्षेत्र के सेउर गांव निवासी सलमान उर्फ शब्बीर, महराजगंज जिले के नौतनवां थानाक्षेत्र के बैरवा बनकटवा निवासी अशरफ व नौतनवां थानाक्षेत्र के ही देवपुर गांव निवासी ब्यास चौधरी बताया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में जोगिया थानाध्यक्ष अंजनी कुमार राय, एसओजी प्रभारी पंकज कुमार पांडेय, एसआई बीके राय, आरके निषाद, अजीत कुमार, अशोक कुमार, सर्विलांस सेल कांस्टेबल दिलीप द्विवेदी, विवेक मिश्र, अवनीश सिंह, मृत्युंजय कुशवाहा, वीरेंद्र त्रिपाठी, अखिलेश यादव, दिग्विजय सिंह व जीतेंद्र सिंह शामिल रहे।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी सलमान उर्फ शब्बीर ने ज्वैलर्स अनिल कुमार सोनी को अपने मित्र महराजगंज जिले के निवासी अशरफ से सस्ते में सोने के सिक्के दिलाने का झांसा देकर जोगिया उदयपुर लाया था। रास्ते में चेकिंग आदि के नाते ज्वैलर्स ने अपनी वृद्ध मां को भी साथ ले आया था। जोगिया में बांध के पास सुनसान स्थान पर सोने के सिक्के देने के बहाने पीड़ित के भाई व साले को झांसा देकर सलमान व अशरफ फरार हो गए।
एसपी विजय ढुल ने बताया कि पीड़ित ने अपने तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी बीमार मां का इलाज कराने के बहाने सलमान उर्फ शब्बीर ने उसके भाई विमल कुमार सोनी व साले सतीश के साथ जोगिया उदयपुर लाए थे जहां एक चाय की दुकान पर रुककर तीनों ने मिलकर उसके साथ 4.5 लाख रुपये की ठगी कर ली और सलमान रुपये लेकर फरार हो गया। पुलिस की जांच में उसका भाई व साला निर्दोष साबित हुए। महराजगंज जिले के नौतनवां थानाक्षेत्र के देवपुर निवासी ब्यास चौधरी मोबाइल व सिम का विक्रेता है। उसने आरोपियों को दूसरे के नाम से एक्टीवेट सिम की बिक्री की थी। जांच के दौरान आरोपियों के सिम के पते दूसरे व्यक्ति के पाए जाने पर विक्रेता ब्यास चौधरी भी पकड़ लिया गया। एसपी विजय ढुल ने कहा कि ऐसे फर्जी पते से एक्टीवेट सिम विक्रेताओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।