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22 सौ शिक्षकों की तैनाती फिर भी बदहाली

Thu, 30 Jun 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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पुरानी किताबों से शिक्षा ग्रहण करेंगे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। पिछले एक साल में करीब 22 सौ नए शिक्षकों की तैनाती के बावजूद जिले के कई स्कूलों का ताला इस बार भी जुलाई में नहीं खुल पाएगा। इन स्कूलों को खोलने के लिए कोई शिक्षक ही नहीं है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक मिलाकर करीब तीन दर्जन स्कूल इस श्रेणी में है। 67 स्कूल ऐसे हैं, जो सिर्फ शिक्षामित्र के भरोसे खुलेंगे, जबकि एक अध्यापकों के सहारे चलने वाले स्कूलों की संख्या 252 है। सरकार के प्राथमिक शिक्षा का यह ढांचा तब है, जब सर्व शिक्षा अभियान पर केंद्र और राज्य ने पूरा जोर लगा रखा है।
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शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के 14 ब्लाकों में 1924 प्राइमरी और 720 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। सितंबर 2015 की अंतिम गणना तक इन स्कूलों में 3 लाख 20 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूलों के कुशल संचालन और बेहतर पठन-पाठन के लिए 2038 प्रधानाचार्य और 7189 सहायक अध्यापकों की जरूरत है। इसके सापेक्ष जिले में 1329 प्रधानाचार्य और 4634 शिक्षक ही तैनात हैं। यह तैनाती भी इस असमानता के साथ है कि कहीं 4-5 शिक्षक एक स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो कहीं 1 शिक्षक भी मयस्सर नहीं है।

शिक्षकों का यह आंकड़ा तब है, जब सत्र 2015-16 में कई चरणों में करीब 2200 शिक्षकों की तैनाती हुई है। मौजूदा हालात में भी करीब तीन दर्जन स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं है। 67 स्कूलों को शिक्षामित्र खोल रहे हैं। इस श्रेणी के सबसे ज्यादा स्कूल साफ्ट क्षेत्रों में शुमार लोटन, बर्डपुर, जोगिया ब्लाक के हैं। करीब डेढ़ माह की छुट्टियों में भी इन स्कूलों को खोलने की व्यवस्था नहीं हो पाई है। लिहाजा अलविदा की नमाज की छुट्टी के बाद दो जुलाई से इन स्कूलों का खुल पाना संभव नहीं है।
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