महिलाओं को दिलाई गई नो वाटर अभियान की शपथ
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- ममता दिवस पर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे प्रेरक, अहम जानकारी दी
- कार्यक्रमों में भागीदार बने स्वस्थ भारत प्रेरक
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। ममता दिवस के मौके पर शोहरतगढ़ विकास खंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित सामुदायिक गतिविधियों के कार्यक्रमों में महिलाओं को नो वाटर अभियान में भागीदारी की शपथ दिलाई गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए सेवाओं के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
सोमवार को शोहरतगढ़ ब्लॉक के गड़ाकुल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर ममता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जिला स्वस्थ भारत प्रेरक विनय कुमार ने बताया कि छह माह तक के शिशु को सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए और उसी में पानी की जरूरत पूरी हो जाती है। इसलिए ऊपर से कोई पानी या पेय पदार्थ नहीं पिलाना चाहिए। जिला पोषण विशेषज्ञ बुद्धदेव कुमार ने किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आयरन की महत्ता एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों से आयरन प्राप्त करने संबंधी जानकारी दी। बाद में पोषाहार एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों से बने स्वादिष्ट व्यंजनों का निरीक्षण कर कार्यकर्ता को प्रोत्साहित किया व लाभार्थियों को रेसिपी बताकर उनसे बनवाने की सलाह दी। पोषण सखी सीमा चौहान ने गर्भवती एवं धात्री माताओं के साथ-साथ सभी लाभार्थियों को नो वाटर अभियान में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए पोस्टर व बैनर के जरिए जागरूक किया। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मूरत देवी, पुष्पा गुप्ता, पूनम यादव व सुषमा गिरि आदि उपस्थिति थीं।
माता के दूध से होनेवाले फायदे बताए
नो वॉटर अभियान की सफलता के लिए महिलाओं ने ली शपथ
गड़ाकुल आंगनबाड़ी केंद्र पर ममता दिवस पर अधिकारियों ने जागरूक किया
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़। जिला स्वस्थ भारत प्रेरक एवं जिला पोषण विशेषज्ञ ने आंगनबाड़ी केंद्र गड़ाकुल में सोमवार को ममता दिवस के तहत ग्रामीण महिलाओं को नो वाटर अभियान को सफल बनाने की शपथ दिलाई। लोगों को स्वास्थ्य के बारे में बताया गया।
जिला पोषण विशेषज्ञ बुद्धदेव कुमार ने ग्रामीण महिलाओं को नो वॉटर अभियान के तहत गर्मियों के दौरान छह माह तक के बच्चों को पानी नहीं पिलाने के फायदे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दौरान जागरूकता के अभाव में लोग शिशुओं को प्यासा समझ कर पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन छह माह तक के शिशु को सिर्फ स्तनपान ही कराना लाभदायक व स्वास्थ्यवर्धक होता है। उन्होंने किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आयरन की महत्ता एवं खाद्य पदार्थों से आयरन प्राप्त करने संबंधी सलाह दी। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रतिदिन आयरन की गोलियों का सेवन करने को कहा। ममता दिवस पर पोषाहार एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों से बने स्वादिष्ट व्यंजनों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पोषण सखी सीमा चौहान ने गर्भवती, धात्री एवं लाभार्थियों को बैनर, पोस्टर के माध्यम से नो वाटर अभियान को सफल बनाने की सीख दी। इस दौरान विनय कुमार, सीमा चैहान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मूरत देवी, पुष्पा गुप्ता, पूनम यादव और सुषमा गिरि आदि मौजूद रहे।