सिद्धार्थनगर। अब जिले के परिषदीय स्कूलों के बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे। इसके लिए जिले के 2710 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में प्रोजेक्टर, लैपटॉप और टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा।
प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापरक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने पहले चरण में मॉडल स्कूलों की शुरूआत की। अपेक्षित परिणाम मिलने और सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने डिजिटल स्मार्ट क्लॉस रूम शुरू करने की योजना तैयारी की है। इसमें प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से बढ़ाया जाएगा। जिससे शिक्षा के स्तर में बेहतर सुधार आ सके और बच्चे आसानी से समझ सकें।
इस योजना में शिक्षकों को लैपटॉप व टैबलेट भी दिया जाना है। जिससे वे नए-नए तरीके से बच्चों को पढ़ा सकें और बच्चों का पढ़ाई में मन लगे। प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने के लिए सरकार ने यह योजना तैयार की है। इस संबंध में निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बीएसए को पत्र लिखा है। नए सत्र से योजना के जमीन में उतरने की उम्मीद है। बीएसए राम सिंह ने बताया कि पत्र मिला है। नए सत्र से स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
2.85 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ
इस योजना के दायरे में जिले के 2710 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय आएंगे। आंकड़ों पर गौर करें तकरीबन दो लाख 85 हजार बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। अगर विद्यालयों की तस्वीर बदली तो छात्रों का नामांकन भी बढ़ेगा। शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
मॉनिटरिंग सेल बनेगा
स्कूलों में शिक्षण कार्य, शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए की जाएगी। इसके लिए प्रदेश व जिला स्तर पर मॉनिटरिंग सेल का गठन होगा। जहां से विद्यालय के कार्यों पर नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए लैपटॉप व टैबलेट दिए जाएंगे।