सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री के संभावित दौरे की तैयारियों में जुटा जिले का प्रशासनिक अमला पहली परीक्षा में ही फेल हो गया है। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अफसर आंकड़ेबाजी में इस कदर उलझ गए कि अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल के सवालों का जवाब नहीं दे सकें। रिकॉर्ड में स्थिति कुछ दर्शाई गई थी, जबकि जवाब कुछ दिया जा रहा था। क्रॉस चेकिंग में कई विभागों की स्थिति खराब मिली। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल से जुड़े अफसरों को फटकार लगाते हुए अपर मुख्य सचिव ने तत्काल आंकड़े दुरुस्त करने की हिदायत दी। कहा कि हकीकत को झुठलाने की कोशिश न करें। जो सच्चाई है, उसे स्पष्ट करें।
विकास भवन के अंबेडकर सभागार में बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने सबसे पहले बीएसए मनीराम सिंह से किताबों के वितरण के बारे में जानकारी ली। बीएसए ने दावा किया कि अधिकांश स्कूलों में किताबें बंट गई हैं, जबकि अपर मुख्य सचिव खुद रास्ते में दो स्कूलों का भ्रमण कर आए थे। मिठवल ब्लॉक के असनहरी व दारीडीहा में किसी भी बच्चे को किताब नहीं मिली थी। बीएसए के जवाब से असंतुष्ट अपर मुख्य सचिव ने रिपोर्ट को संशोधित कर शाम तक सही सूचना पेश करने को कहा। बिजली विभाग के एक्सईएन एसके ओझा का दावा था कि मुख्यालय पर 22 घंटे बिजली मिल रही है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उन्हें यहां अधिकतम 18-20 घंटे बिजली और लो वोल्टेज की सूचना मिली है। बिजली ऊपर से आ रही है तो जा कहां रही हैं। तहसील व ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे की रिपोर्ट थी, जबकि अपर मुख्य सचिव के पास 14 घंटे की सूचना थी। उन्होंने एक्सईएन को आंकड़ों की बाजीगरी पर चेताया। जलनिगम और पंचायती राज विभाग हैंडपंपों की मरम्मत को लेकर एक-दूसरे को जिम्मेदारी देते हुए अलग-अलग आंकड़े दिखाते रहे। इस पर भी अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। जेई-एईएस गांवों में टीकाकरण लक्ष्य से महज 28 प्रतिशत ही होने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. विजय कुमार से जवाब तलब किया। एंबुलेंस सेवा ठप होने पर भी जानकारी ली और उसे तत्काल शुरू कराने को कहा। अस्पताल में संविदा चिकित्सक व कर्मियों की भर्ती के मामले में देरी के लिए शासन से अनुमोदन न होने का हवाला दिया गया, जबकि अपर मुख्य सचिव का कहना था कि अगर अनुमोदन नहीं था तो प्रक्रिया कैसे शुरू हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना, खुले में शौच मुक्त गांव, गड्ढामुक्ति अभियान, भवन व सड़कों के नवनिर्माण, नलकूपों के संचालन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से जानकारी ली। कहा कि रिपोर्ट में जो भी कमियां हैं, उसे तत्काल दुरुस्त कर लें। किसी भी दशा में कोई भी अधिकारी गलत रिपोर्ट नहीं दिखाएगा। गलत रिपोर्ट देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमियां सुधारने के लिए शाम तक की मोहलत दी।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त दिनेश सिंह, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, सीएमओ डॉ. रतन कुमार, एडीएम प्रमोद कुमार शुक्ला, गुरु प्रसाद गुप्ता, एएसपी अरविंद मिश्र, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ओपी यादव, एक्सईएन पीडब्लूडी भूपेश मणि त्रिपाठी, पीडी संत कुमार और डीडीओ सुदामा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
सिर्फ 24 कार्यकर्ताओं संग बैठक करेंगे सीएम
सिद्धार्थनगर। जिले में प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ता भले ही मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर उत्साहित हों, लेकिन अधिकांश कार्यकर्ताओं की हसरत पूरी नहीं हो सकेगी। सिर्फ उन्हीं लोगों को सीएम तक पहुंचने की इजाजत मिलेगी, जिन्हें पहले से सूचीबद्ध किया गया होगा। भाजपा की सूची में ऐसे 24 नाम ही जगह बना पाए हैं। इन्हीं 24ल़ोगों के साथ मुख्यमंत्री बैठक करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों व सक्रिय कार्यकर्ताओं के कुल छह दर्जन से अधिक नाम जिले से भेजे गए थे। पार्टी नेतृत्व ने महज 24 नामों पर हरी झंडी दी है। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर के अलावा आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, चार अन्य विधायक व पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। पांच नाम हियुवा कार्यकर्ताओं के बताए जा रहे हैं। इन्हें हेलीपैड पर मुख्यमंत्री से मिलने का मौका दिया जा सकता है।