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बती गुल, नींद गायब, विभाग बेपरवाह

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बिजली कटौती ने छीना चैन
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फोटो-53 से 56
गांव से शहर तक अघोषित कटौती से जनता हलकान
लोकल फाल्ट बताकर पल्ला झाड़ रहे जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिलेभर में अघोषित विद्युत कटौती से जनता हलकान है। वहीं बिजली के अभाव में विद्युत से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उमसभरी गर्मी में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से आमजन बेकल हो जा रहा है। लोकल फाल्ट के नाम पर पल्ला झाड़ लेने से लोगों में विद्युत निगम के अफसरों के प्रति नाराजगी है।
सूबे में सपा के शासनकाल में आमजन सड़क, बिजली, पेयजल की समस्या से त्रस्त थे। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार बनने के बाद जनपदवासियों को बिजली समस्या के समाधान की काफी उम्मीद जगी पर एक वर्ष से अधिक का कार्यकाल होने के बाद भी सड़क व बिजली जैसी अहम समस्या से छुटकारा पाने के लिए नागरिक बेताब हैं। बीते तीन माह से जिला मुख्यालय की बिजली व्यवस्था बदहाल हो चुकी हैं। यहां डीएम, एसपी, सीडीओ जैसे आला अधिकारियों का कार्यालय, आवास होने के बाद भी अघोषित कटौती से जनता हलकान है। जर्जर तारों के टूटने, ट्रांसफार्मरों के जलने, फ्यूज उड़ने के नाम पर लंबे-लंबे समय तक कटौती कर दी जाती है। शेष समय में आपूर्ति दी जाती है, उसमें भी कटौती करने पर जिम्मेदार उच्च स्तर से ही बाधित होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया करते हैं। पिछले एक सप्ताह से शहर के उत्तरी छोर खासकर पुराना नौगढ़ कस्बावासियों को रात में नींद गायब व दिन में चैन छिन गया है। कई दिनों से पूरा-पूरा दिन ही नहीं रात में भी उपभोक्ता सड़कों, छतों पर टहलकर रात गुजारने को विवश हैं। कटौती के बारे में बिजली निगम के सहायक अभियंता, अवर अभियंता से बात करने पर लोकल फाल्ट या अन्य तकनीकी दिक्कतों की बात कहकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है। अधिशासी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए शहर में काम कराए जा रहे है। फाल्ट की वजह से इधर कटौती बढ़ी है। साथ ही नया शेड्यूल भी जारी किया गया है।
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बेहतर व्यवस्था के नाम पर छलावा
शहर की जर्जर विद्युत व्यवस्था को ठीक करने के नाम पर अधिकारियों ने क्षेत्र को दो भागों में विभक्त करते हुए अलग-अलग तिथियों तक बेहतरी का दावा किया था। एक सप्ताह के समय के सापेक्ष माह से ज्यादा हो गया पर कार्य जारी है। उपभोक्ता अशोक श्रीवास्तव कहते हैं कि लोकल फाल्ट, जर्जर तारों के बदलने से ही नहीं उच्च स्तर से कटौती के नाम पर 24 घंटे में से अमूमन 4 से 6 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। डॉ. प्रदीप कुमार कहते हैं निगम केवल परेशान कर रहा है। भीमापार में स्थिति तो ऐसी है कि सप्ताह में करीब तीन से चार दिन लोग कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। वंदना त्रिपाठी ने कहा कि सुबह के समय बिजली न रहने सेअधिक परेशानी बच्चों को स्कूल भेजने में होती है। दुर्गा गुप्ता ने बताया कि कटौती के नाम निगम केवल पब्लिक को परेशान कर रहा है।

मंत्री की नजर में बिजली निगम भ्रष्ट
प्रदेश के खेलकूद मंत्री व जनपद के प्रभारी चेतन चौहान ने भी बीते दिनों नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सभागार में पदाधिकारियों की बैठक में दो विभागों में अभी भी भ्रष्टाचार खत्म न होने की बात स्वीकार की। जिसमें पुलिस व बिजली निगम का प्रमुखता से नाम लिया था। ऐसे में आम उपभोक्ता बेहतर आपूर्ति की उम्मीद करना बेेमानी होगी।
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बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
बर्डपुर। विकास खंड क्षेत्र के बर्डपुर, गनवरिया फीडर से होने वाली बिजली सप्लाई से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पिछले 15 दिनों से आठ से दस घंटे बिजली सप्लाई लोगों को मिल रही है। भीषण गर्मी में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली सप्लाई करने का निर्देश है तो वहीं, बिजली निगम के कर्मचारियों के चलते इसमें बिजली सप्लाई सुचारू रूप ने नहीं मिल रही है। क्षेत्र के छात्र शाह मोहम्मद, महेंद्र प्रताप चौधरी, शुभम कसौधन, सुनील यादव, पंकज चौधरी, कंचन वर्मा, राम अवतार चौधरी, श्रवण मोदनवाल, जेपी विश्वकर्मा आदि सहित दर्जनों लोगों ने तत्काल बिजली व्यवस्था ठीक करने की मांग की है।
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