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खाकी के दामन पर पहले भी लग चुका है दाग

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सिद्धार्थनगर। जिले में खाकी के दामन पर दाग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस बार भले ही सिपाही पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया हो, लेकिन इसके पहले यहां दुष्कर्म, जाली नोट, पशु तस्करी सहित कई मामलों में पुलिस दागदार हो चुकी है। इनमें संलिप्तता के आरोप पर सिपाही से लेकर दरोगा तक निलंबित हुए हैं। एक माफिया को ऐश कराने के आरोप में इंस्पेक्टर तक पर कार्रवाई हो चुकी है।
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जिले की स्पेशल वैपन टीम (स्वाट) में तैनात सिपाही पर गोरखपुर निवासी एक युवती ने शादी का झांसा देकर दो वर्षों से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। आईजी के निर्देश पर आरोपी सिपाही के खिलाफ सदर पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज किया और संबंधित थाने को रिपोर्ट की। हालांकि आरोपी पुलिस कर्मी छुट्टी पर बताया जा रहा है। विभागीय जिम्मेदार भले ही छवि सुधारने की बार-बार दलील दे रहे हों, मगर यहां स्थिति उलट है। खाकी का दामन दागदार होने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दुष्कर्म के मामले में एक दरोगा पर उंगली उठ चुकी है।
जाली नोट की तस्करी, पशु तस्करी में भी खाकी दागदार हुई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सदर डीके श्रीवास्तव ने बताया कि आईजी के निर्देश के बाद सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया और संबंधित थाने को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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खाकी पर इन्होंने लगाया दाग
सिद्धार्थनगर। 29 जुलाई 2008 को डुमरियागंज बैंक जाली नोट कांड का खुलासा हुआ। इस कांड में दरोगा रहे शमशेर बहादुर की संलिप्तता पाई गई। विभाग ने शमशेर बहादुर को बर्खास्त कर दिया। उनके खिलाफ गैंगेस्टर सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। दूसरा मामला अक्टूबर 2012 में सामने आया, जिसमें गोरखपुर के झगहां थाना क्षेत्र के जोलहा बारी गांव निवासी एक महिला ने गोल्हौरा थाने में तैनात एसआई हरिशंकर राम पर अपनी पुत्री को नौकरी देने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अवैध संबंध बनाने का आरोप लगाया था। सात नवंबर को हरिशंकर राम पर दुष्कर्म और फर्जी मेरिट सर्टिफिकेट पुलिस के समक्ष पेश करने पर मुकदमा दर्ज किया था। इसी तरह जनपद में तैनात रहे दरोगा अशरफउल सिद्दीकी को पेशी के दौरान डीटू गैंग के सदस्य को लापरवाही पूर्व ले जाते हुए स्पेशल पुलिस टीम ने पकड़ा था और उन पर विभागीय कार्रवाई हुई थी। इसी दौरान खाकी का रौब जमाकर पशु तस्करी चलाने वाले सिपाही अलीम के पकड़े जाने के बाद महकमा चर्चा में आया था। उसका नेटवर्क नेपाल से लेकर बंगाल तक रहा। वर्दी की आड़ में पशु तस्करी के धंधे में संलिप्तता उजागर होने के बाद मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।

गलत काम करने वाला कोई भी उसे बख्शा नहीं जाएगा। सिपाही के खिलाफ मुकदमा इसकी नजीर है। छानबीन के बाद जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -सत्येंद्र कुमार, एसपी।
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