बांसी। गर्भवतियों के लिए पौष्टिक आहार के साथ ही समय पर टीकाकरण जरूरी है। तंबाकू, गुटका और सिगरेट का सेवन न करें। अगर लंबे समय से मुंह में छाले हों, पहले की अपेक्षा मुंह कम खुले। मसालेदार भोजन करने पर जलन या ज्यादा दिनों से सफेद दाग बने होने पर कैंसर की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। अपने आसपास सफाई बरतने मात्र से ही कई बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वच्छता दैनिक जीवन में अपनाएं।
ये बातें चिकित्सकों ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बांसी के अकबरनगर वार्ड में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में मौजूद लोगों को बताईं गईं। शिविर में डॉ. फरहा नाज और मो. अरशद ने 250 के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाइयां भी दीं। इस दौरान खून की भी जांच की गई और लोगों को जीवनशैली में सुधार लाकर स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए। शिविर में आंख, दांत, पेट दर्द, सर्दी-खांसी, बुखार, त्वचा रोग से संबंधित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। महिला स्वास्थ्य कर्मी ज्योति ने ब्लडप्रेशर की जांच करते हुए महिलाओं को बीमारी से बचाव के बारे में जागरूक किया।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मो. इद्रीश पटवारी ने डॉक्टरों का माला पहना कर स्वागत किया और गांव में कैंप के आयोजन की सराहना की। बृहस्पति मिश्र, निसार अहमद, समद अली, अनीसा, रमा, रामदेव पांडेय, राधेश्याम जायसवाल, नसरत अली, अदनान खां, शानू सिद्दीकी, साजन खां, महमूद आलम खां आदि मौजूद रहे।
परेशानी इत्मिनान से सुनी गई
लंबी दूरी तय कर अस्पताल जाना कई दिनों से संभव नहीं हो पा रहा था। गांव में ही आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की और परेशानी को इत्मिनान से सुना। इससे लाभ मिलेगा। ऐसे कैंप लगते रहने चाहिए।
- गीता
घंटों कतार नहीं लगानी पड़ी
पड़ोसी ने कैंप की जानकारी दी थी। यहां पहुंची तो पूरा अस्पताल ही आया हुआ था। जांच और दवा सब कुछ आसानी से सुलभ हो गया। अस्पताल में तो घंटों तक नंबर लगाना पड़ता है।
- शकुंतला
आगे भी लगें ऐसे कैंप
डॉक्टर ने पूरा समय दिया। इत्मीनान से परेशानी सुनी। अस्पताल की भीड़-भाड़ में बेहतर उपचार नहीं हो पाता। उम्मीद करती हूं कि आगे भी ऐसे कैंप लगते रहेंगे। जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।
- शमां
मिलीं अहम जानकारियां
स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के अलावा शिविर में बताई गई कई जरूरी जानकारियां अहम रहीं। छोटी-छोटी दिक्कतों की हम अनदेखी कर जाते हैं, जिसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ता है।
- ऊषा