डुमरियागंज के वासा दरगाह स्थित मखदूम शाह बाबा की मजार पर शुक्रवार को दो दिवसीय उर्स का आगाज हुआ। पहले दिन अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाई और बाबा से अमन की दुआ मांगी।
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डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के वासा दरगाह स्थित मखदूम शाह बाबा की मजार पर शुक्रवार को दो दिवसीय उर्स का आगाज हुआ। पहले दिन अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाई और बाबा से खुशहाली और अमन शांति की दुआएं मांगी। वहीं, प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
वासा दरगाह स्थित मखदूम शाह की मजार पर कई दशक से ईद के तीसरे व चौथे दिन दो दिवसीय उर्स का आयोजन हर साल पूरे अकीदत और जोशो-खरोश से होता है। विभिन्न धर्मों के लोग मजार पर आदर के साथ पहुंचते हैं और बाबा से खुशहाली व अमन चैन की दुआएं मांगते हैं। शुक्रवार की सुबह 10 बजे मजार के सज्जादा नशीन काजी मोहम्मद मदनी फिरदौसी व अन्य अकीदतमंदों ने बाबा की मजार पर फातिहा पढ़ी और चादरपोशी की। लोगों ने बाबा से मन्नतें मांगीं। मजार स्थल पर लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन भी कराया, उनकी सलामती के लिए शिरनी नजर कराई। मजार स्थल पर मेला जैसा माहौल देखा जा रहा है जिसमें आसमानी झूला और मौत का कुंआ के अलावा मिकी माउस झूला भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बच्चे झूले में बैठकर खूब मनोरंजन कर रहे हैं।इस मौके पर खाजा, लाई, चाट, मिठाई व खिलौने की कतारबद्ध दुकानें लगी हैं। शाम को मजार पर लंगर का आयोजन हुआ। थानाध्यक्ष भवानीगंज दीपक दुबे की अगुवाई में पुलिस बल के जवानों ने पैदल मार्च कि या। इस दौरान एहसान, शरीफजमां, सुहेल, पिन्टू, अफजल, इमरान लतीफ, मोहम्मद आमिर, अब्दुल बारी, शाहिद, जैद, खालिद, मुनाफ, समीर, फैजान उर्फ सब्लू, अतीकुर्रहमान उफ राजू, मनव्वर बाबा, जावेद मोइद, काजी शहंशाह आदि मौजूद रहे।