सिद्धार्थनगर। 40 रुपये का अंशदान कर पंजीकृत श्रमिक 17 योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इसमें श्रमिकों की पत्नी व बच्चे भी शामिल होंगे। वर्तमान में जिले में 39 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि इनकी संख्या पांच लाख से अधिक है।
श्रम विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत 17 योजनाएं लागू हैं। जानकारी के अभाव में मजदूर इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। 18 से 60 वर्ष आयु वाले श्रमिक योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उन्होंने पंजीकरण के समय पिछले 12 माह में 90 दिनों तक निर्माण श्रमिक के रूप में काम किया हो। पात्र श्रम कार्यालय, जनसेवा केंद्रों पर पंजीयन फार्म के साथ दो फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य करने का प्रमाणपत्र समेत 20 रुपये पंजीकरण शुल्क, 20 रुपये एक वर्ष का अंशदान अथवा एक साथ 3 वर्ष का अंशदान 60 रुपये जमा करा सकता है।
इन श्रमिकों को मिलेगा लाभ
- बेल्डिंग, बढ़ई, कुआं खोदना, रोलर चलाना, छप्पर डालने का कार्य, राजमिस्त्री, प्लम्ब, लोहार, मोजैक पॉलिश, सड़क निर्माण, मिक्सर चलाना, पुताई, इलेक्ट्रिक वर्क, हथौड़ा चलाना, सुरंग निर्माण, टाइल्स लगाना, कुएं से गाद हटाना, चट्टान तोड़ने या खनिकर्म, स्प्रे वर्क या मिक्सिंग वर्क व मार्बल एवं स्नोन्स वर्क में कार्य करने वाले पंजीकृत मजदूर योजना का लाभ ले सकते हैं।
यह है जरूरी
- सरकारी भवनों के निर्माण में लगे होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारी से प्रमाणपत्र और निजी व्यक्तियों के यहां कार्य करने की दशा में संबंधित से प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर ही पंजीकरण हो सकेगा।
ये हैं योजनाएं
- निर्माण श्रमिकों के लिए लागू योजनाओं में मातृत्व हितलाभ योजना, शिशु हितलाभ योजना, निर्माण कामगार बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार, आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, निर्माण श्रमिक भोजन सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, अक्षमता पेंशन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना, निर्माण कामगार अंत्येष्टि सहायता योजना शामिल हैं।
योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिक ही ले सकेंगे। अंशदान जमा न होने पर लाभ नहीं मिलेगा। श्रमिक के 18 वर्ष से कम आयु के पुत्र, पुत्री के कार्य करते पाए जाने पर सहायता वापस ले ली जाएगी। बोर्ड द्वारा पंजीयन, अंशदान व सौर ऊर्जा सहायता योजना में 250 रुपये के अतिरिक्त कोई धनराशि नहीं ली जाती है।
पंकज सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी