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लोटन प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

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लोटन (सिद्धार्थनगर)। सपा के समर्थन पर निर्वाचित एक और ब्लॉक प्रमुख को अपदस्थ करने की कोशिश विफल हो गई है। लोटन ब्लॉक प्रमुख सजलैन्निशा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को कोरम पूरा न होने के चलते खारिज हो गया। प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कोई भी बीडीसी सदस्य उपस्थित ही नहीं हुआ। निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद चुनाव अधिकारी एसडीएम ने प्रस्ताव खारिज होने की घोषणा की। प्रमुख की कुर्सी सेफ होते ही समर्थक खुशी से झूम उठे। कस्बे में जुलूस निकालकर खुशियां मनाई।
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जनवरी-2016 में हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा उम्मीदवार सजलैन्निशा को कुल 51 में से 28 बीडीसी सदस्यों ने मत दिया था। विपक्ष में 23 वोट पड़े थे। सत्ता परिवर्तन के बाद प्रमुख को अपदस्थ करने के लिए विपक्षी खेमा गोटियां फिट करने में जुटा हुआ था। 24 जुलाई को विद्या देवी के नेतृत्व में 28 बीडीसी सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र देकर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की इच्छा जताई थी। इस पर चर्चा के लिए डीएम ने 19 अगस्त की तिथि, मगर बाढ़ के कारण बाद में 6 सितंबर की तारीख मुकर्रर हुई। बुधवार को सुबह 10 बजे ही एसडीएम सदर डॉ. महेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी ब्लॉक में पहुंच गए थे। सभागार में कुर्सियां लगाकर सदस्यों के आने का इंतजार शुरू हुआ। तय समय 11 बजे तक कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा। 11.10 बजे तक इंतजार के बाद भी जब सदस्यों की उपस्थिति शून्य रही तो एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करते हुए ब्लॉक प्रमुख सजलैन्निशा को सुरक्षित घोषित कर दिया। जीत की सूचना मिलते ही समर्थक खुशी से झूम उठे। प्रमुख प्रतिनिधि जमीर अहमद के नेतृत्व में कस्बे में बाइक जुलूस निकाला। जमकर नारे लगाए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई। नियमानुसार प्रमुख के खिलाफ अब अगले एक वर्ष तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा।


सदर विधायक को लगा दूसरा झटका
सिद्धार्थनगर। लोटन ब्लाक में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद सत्ताधारी दल सकते में है। सबसे बड़ा झटका सदर विधायक को लगा है। विधानसभा क्षेत्र में यह दूसरा ब्लॉक है, जहां विधायक की प्रमुख के खिलाफ अविश्वास लाने की कोशिश विफल हुई है। इससे पहले उसका ब्लाक में प्रमुख राजमति लोधी के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो चुका है। दोनों ही ब्लाकों में विधायक श्यामधनी राही की पुरजोर पैरवी थी। यहां तक कि वह और उनके समर्थक विरोधी खेमे के साथ बीडीसी सदस्यों के साथ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देेने कलेक्ट्रेट तक पहुंचे थे। लोटन विधायक का गृह ब्लाक भी है। ऐसे में यहां की लड़ाई को उनकी प्रतिष्ठा से जोड़कर माना जा रहा था।
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विधायक के प्रति नाराजगी, मंत्री की जयकार
मजेदार बात है कि प्रस्ताव खारिज होने के बाद एक तरफ सत्ताधारी दल के कई नेताओं व जनप्रतिनिधियों का विरोध दिख रहा था तो दूसरी ओर जुलूस में इसी पार्टी के एक मंत्री के जयकारे भी लगते रहे। बताया जा रहा है कि पार्टी का एक खेमा जहां प्रमुख के विरोध में था, वहीं दूसरा खेमा पक्ष में जुटा हुआ था।


अब डुमरियागंज पर नजर
सिद्धार्थनगर। सत्ता परिवर्तन के बाद अब तक जिले में सात ब्लाक प्रमुखों के खिलाफ जिला प्रशासन को अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस सौंपी गई थी। इसमें सदर, बढ़नी और मिठवल में प्रस्ताव पारित करने में सफलता मिली है, जबकि उसका व लोटन ब्लॉक में प्रस्ताव खारिज हो गया। भनवापुर में ब्लॉक प्रमुख रीना चौधरी ने चर्चा से ठीक पहले स्वत: इस्तीफा देकर कुर्सी छोड़ दी। अब डुमरियागंज ब्लॉक में चर्चा शेष है। इसके लिए 11 सितंबर की तिथि मुकर्रर हुई है। यहां सपा के प्रमुख मिट्ठूलाल यादव को अपदस्थ करने के लिए भाजपाई खेमा पूरे दम-खम से लगा है तो सपा भी इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना चुकी है। मामला राजभवन तक पहुंच चुका है। ऐसे में पूरे जिले की निगाहें इस ब्लॉक पर टिकी हुई है।
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