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अल्पमत में आई डुमरियागंज ब्लाक प्रमुख की कुर्सी

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सिद्धार्थनगर। सपा सरकार में एकतरफा जीत दर्ज कर निर्वाचित हुए डुमरियागंज ब्लॉक प्रमुख मिट्ठू यादव की कुर्सी अब खतरे में पड़ गई है। बीडीसी सदस्यों ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। कुल 141 सदस्यों वाली क्षेत्र पंचायत के 98 सदस्यों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को शपथ पत्र दिया। प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की इच्छा जताई। शपथ पत्रों के सत्यापन के बाद डीएम ने शक्ति परीक्षण के लिए जल्द तिथि निर्धारित करने की बात कही है।
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वर्ष 2016 में हुए डुमरियागंज ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा नेता रामकुमार चिनकू यादव के पिता मिट्ठू यादव ने बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए पूर्व विधायक मलिक कमाल यूसुफ के पुत्र सलमान मलिक को करारी शिकस्त दी थी। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मिट्ठू यादव की कुर्सी डगमगाने लगी थी। सत्ताधारी दल के मोर्चा खोलने के बाद एकजुट होकर बीडीसी सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास लाने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी की बहू मान्ती के नेतृत्व में 98 सदस्य गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को शपथ पत्र देकर मौजूदा ब्लॉक प्रमुख मिट्ठू यादव के प्रति अविश्वास जताया। उन्हें अपदस्थ करने के लिए शक्ति परीक्षण कराने की मांग की। सीडीओ अनिल कुमार मिश्र के निर्देशन में डीपीआरओ कार्यालय के लिपिक अमित श्रीवास्तव ने सभी सदस्यों के शपथ पत्रों का मिलान किया। इसके बाद अविश्वास की प्रति डीएम को सौंपी गई।
जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने बताया कि डुमरियागंज के 98 बीडीसी सदस्यों ने शपथ पत्र दिया है। प्रमुख के शक्ति परीक्षण के लिए शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर सदस्यों को सूचित किया जाएगा। शक्ति परीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी। इस मौके पर ब्लॉक के बीडीसी सदस्यों के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन अग्रहरि, रामप्रकाश गौतम, डॉ. राजेश गौतम, राजू श्रीवास्तव, राजेंद्र पांडेय, दिलीप चतुर्वेदी, दीपक मौर्य सहित सलमान मलिक, सुहेल फारुकी, मो.अहमद, सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव, सुग्रीव यादव, आजम, नरहरी पांडेय, अब्दुल अहद, धर्मेंद कुमार, नूरजहां, मुर्तजा, पीर मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
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बहुमत के लिए 72 सदस्य जरूरी
डुमरियागंज ब्लॉक में कुल 141 बीडीसी सदस्य हैं। प्रमुख पद हासिल करने के लिए इनमें से 72 सदस्यों का साथ होना जरूरी है। प्रमुख के विरोध में 98 सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र दिया है। इससे उनकी कुर्सी अल्पमत में आ गई है। तय तिथि तक मिट्ठू यादव जरूरी सदस्यों का समर्थन नहीं जुटाते तो उनका अपदस्थ होना तय है।

कुर्सी की चाह में एक हुए दो विरोधी
डुमरियागंज ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी के लिए मची खींचतान के बीच गुरुवार को कलेक्ट्रेट में रोचक नजारा दिखा। प्रमुख को अपदस्थ करने के लिए दो परस्पर विरोधी खेमे एक-दूसरे के साथ खड़े रहे। पूर्व विधायक मलिक कमाल यूसुफ के पुत्र सलमान मलिक डुमरियागंज से ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। पिछले चुनाव में उन्हें ही शिकस्त देकर चिनकू यादव के पिता मिट्ठू यादव निर्वाचित हुए थे। इससे पहले भी चिनकू खेमे ने सलमान मलिक को प्रमुख पद से अपदस्थ किया था। गुरुवार को मिट्ठू यादव के खिलाफ अविश्वास लाने की कवायद में सलमान मलिक काफी सक्रिय दिखे। सदस्यों की अगुवाई भले ही भाजपाई खेमे के लोग कर रहे थे, लेकिन हर कदम पर सलमान भी डटे रहे। यहां तक कि शपथ पत्रों के सत्यापन के दौरान वह खुद एक-एक सदस्य की पहचान कर हाथ उठवा रहे थे। डीएम को शपथ पत्र सौंपते हुए भी वह सबसे आगे खड़े रहे। सूत्रों की मानें तो डुमरियागंज के 50 से अधिक बीडीसी सदस्य मुस्लिम वर्ग से हैं, इन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष की बहू के साथ लाने में इनकी अहम भूमिका रही है। चिनकू खेमे से पुरानी प्रतिद्वंद्विता के चलते मलिक परिवार वैचारिक मतभेद भुलाकर भाजपा नेता के साथ खड़ा हुआ है। इसे लेकर हर तरफ चर्चा का बाजार गर्म रहा।

ये लगाए आरोप
डीएम को सौंपे अविश्वास प्रस्ताव के पत्र में सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख पर कई आरोप लगाए हैं। इनमें क्षेत्र पंचायत व समितियों की सामयिक बैठक न बुलाना, कर्तव्यों का सम्यक पालन न करना, विकास कार्यों में भेदभाव व पक्षपात पूर्वक कार्यों का बंटवारा, सोलर लाइट वितरण में भेदभाव, वित्तीय प्रशासन की जानकारी न देना, प्रमुख की कुर्सी पर अनधिकृत रूप से पुत्र का बैठना, निधि का दुरुपयोग करना आदि प्रमुख रहे।
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