सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को जिले में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में करीब 150 बालक-बालिकाएं हिस्सा लेंगे। 14 वर्षीय बालक हॉकी प्रतियोगिता के साथ बालक और बालिका वर्ग की दौड़, वॉलीबाल, लॉन्ग जंप, हाई जंप और भाला फेंक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस हर वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसी क्रम में खेल विभाग की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच मुकाबले के साथ उनके कौशल, अनुशासन और खेल भावना की भी परीक्षा होगी।
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100 से 800 मीटर तक दौड़ में दिखेगी रफ्तार
- दौड़ प्रतियोगिताओं में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ी 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर और 800 मीटर की स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। छोटी दूरी की दौड़ में खिलाड़ियों की गति और लंबी दूरी में उनकी सहनशक्ति परखी जाएगी। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले बच्चों ने अभ्यास शुरू कर दिया है। जीत हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत लगाने की तैयारी में हैं।
हॉकी प्रतियोगिता में 14 वर्षीय बालकों को शामिल किया जाएगा। हॉकी खिलाड़ियों के बीच मैदान पर गेंद पर नियंत्रण, पासिंग, ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता देखने को मिलेगी। वहीं वॉलीबाल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच टीमवर्क और तालमेल महत्वपूर्ण रहेगा।
छलांग और भाला फेंक में ताकत व तकनीक की परीक्षा
- लॉन्ग जंप और हाई जंप प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के साथ तकनीक भी निर्णायक होगी। लंबी छलांग में रनअप, टेकऑफ और लैंडिंग पर ध्यान रहेगा जबकि हाई जंप में खिलाड़ी ऊंचाई पार करने का प्रयास करेंगे। भाला फेंक में ताकत, संतुलन और सही तकनीक के आधार पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके लिए खेल मैदान और आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। खिलाड़ियों के पंजीकरण, स्पर्धाओं के अनुसार वर्गीकरण और निर्णायकों की व्यवस्था की जाएगी।
क्रीड़ा अधिकारी के मुताबिक खेल दिवस का आयोजन केवल पदक और जीत तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से उभर रही खेल प्रतिभाओं की पहचान भी की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे जिला, मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिल सकता है।