शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। हाईकोर्ट के आदेश पर करीब दो वर्ष बाद ग्राम पंचायत रमवापुर नानकार में प्रधान पद के वोटों की बुधवार को दोबारा गिनती की गई। इस काउंटिंग का परिणाम भी निर्वाचित प्रधान सूर्यमती के पक्ष में रहा। पहली बार गणना में उन्हें दो मत के अंतर से जीत मिली थी, इस बार यह अंतर पांच वोटों का हो गया है। रिकाउंटिंग में जीत पक्की होने के बाद प्रधान पक्ष के लोगों ने खुशी मनाई। वहीं, कोर्ट के आदेश पर नतीजे बदलने की आस लगाए विरोधी पक्ष को मायूसी मिली।
गड़ाकुल न्याय पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रमवापुर नानकार में वर्ष -2015 में हुए प्रधान पद पर चुनाव में सूर्यमती ने रामऔतार को शिकस्त दी थी। जीत-हार का अंतर महज एक वोट का था। नतीजे के खिलाफ रामऔतार ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने एसडीएम को आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर पुन: मतगणना कराकर रिपोर्ट प्रेषित करें। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को तहसील परिसर में गांव के बूथ संख्या 37, 38 व 39 के वोटों की गणना की गई। एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह, तहसीलदार संतोष कुमार ओझा की देखरेख में हुई गणना में परिणाम सूर्यमती के ही पक्ष में रहा। सूर्यमती को 172 और रामऔतार को 167 वोट मिले। इनके अलावा श्रीराम 25, शिवपूजन 52, विजय बहादुर 161, राजनरायन 47, भंडारी 18, जगदीश 30, गेंदा देवी 95 व किसलावती को 32 मत प्राप्त हुए। सील मतपेटी से रमवापुर नानकार के बूथ संख्या 37, 38, 39 में मिले 816 वोटों में से 799 मत वैध मिले और 17 मत को खारिज किया गया। एडीओ पंचायत रामशंकर वर्मा, मोहम्मद मुस्तकीम, ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश पाठक, कानूनगो अतीकुर्रहमान, लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव, प्रमोद मिश्र, रामजतन, राममिलन समेत सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एसआई जुबेर अली, हौसला प्रसाद यादव, अजय सिंह, कांस्टेबल राघवेंद्र प्रताप यादव आदि मौजूद रहे।
बंद मतपेटी से गायब हुआ एक मतपत्र
वादी पक्ष के अधिवक्ता गोपालजी मिश्र ने बताया कि 2015 में हुए पंचायत चुनाव में रमवापुर नानकार गांव में बूथ संख्या 37, 38, 39 पर पीठासीन अधिकारी ने 821 मतदान होने की रिपोर्ट दी थी। मतगणना के दौरान रमवापुर नानकार गांव के तीनों बूथों से 817 मत पाए गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर हुए पुर्नगणना के दौरान सील मतपेटी में से निकाले गए बूथ संख्या 37, 38 पर मतगणना की संख्या दर्ज पाई गई, लेकिन बूथ संख्या 39 में से मतगणना संख्या दर्ज नहीं मिला। मतगणना के दौरान कुल 817 की जगह 816 मत ही मिले। प्रशासन की देखरेख में सुरक्षित रखे गए बंद मतगणना पेटी में से एक मत पत्र कहां चला गया, यह मतगणना प्रक्रिया पर संदेह पैदा कर रहा है। अधिवक्ता ने बताया कि पहली बार हुए मतगणना में वादी पक्ष रामऔतार को 170 मत मिला था, जबकि इस बार 167 मत ही मिला। माचमले को लेकर कोर्ट में पुन: याचिका दायर की जाएगी।