फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोरी की 13 बाइक बरामद, दो गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
चोरी की 13 बाइक बरामद, दो गिरफ्तार
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। बाइक चोरी करके मोबाइल एप के माध्यम से बेचने वाला शातिर अपने साथी के साथ पकड़ा गया। मोहाना पुलिस ने उसे क्षेत्र के बर्डपुर चौराहे से मंगलवार को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी की 13 बाइक बरामद की गईं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां उसे उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस लाइंस सभागार में बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने यह जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि जिले में वाहन चोरी के मामले का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है। सुबह एसओ मोहाना जयप्रकाश दुबे को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की बाइक बेचने के लिए एक व्यक्ति बर्डपुर बाजार में आ रहा है। इसके बाद एसआई मनोज कुमार श्रीवास्तव, एसआई शिवधारी, एसआई ओमप्रकाश तिवारी के साथ पुलिस टीम तैयार की गई। टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गई।
विज्ञापन

इसके बाद वाहन चेकिंग शुरू कर दी गई। दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति एक बाइक से साथ बर्डपुर बाजार में खड़ा मिला। उससे बाइक के कागज पुलिस टीम ने मांगी तो वह भागने का प्रयास करने लगा। घेराबंदी कर पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपित ने अपनी पहचान प्रवीन कुमार चौरसिया निवासी मझवन खुर्द जिगिनयहवा थाना गोल्हौरा बताई। बाइक के बारे में पूछताछ की गई। उसने बताया कि उस बाइक को उसने फरेंदा क्षेत्र से कुछ दिन पहले चोरी की थी। एक आदमी से बात कर आज उसे बेचने के लिए आया था।
उसके पास से तलाशी में दाहिनी जेब से बनावटी चाबी, कुछ अन्य चाबियां, 2210 रुपये मिले। इसके अलावा अन्य सामान बरामद किया गया। पूछताछ में बताया कि वह अपने सहयोगी मुन्सलिम निवासी झुनुवा थाना फरेंदा जनपद महराजगंज की मदद से फरेंदा, शोहरतगढ़, नौगढ़, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, जोगिया, बांसी, इटवा विभिन्न स्थानों से कुछ माह पूर्व से बाइक चोरी की थी। चोरी की बाइक को अस्थाई रूप से इंदिरानगर में किराए पर लिए कमरे में इकट्ठा किए थे। उसके बाद मुन्सलिम को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर पांच बाइक इंदिरानगर से व सात मोटरसाइकिल भिन्न-भिन्न स्थानों से बरामद की गई। पूछताछ करने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया है।
एप पर प्रचार करके बेचते थे बाइक
पुलिस की पूछताछ में प्रवीन ने बताया कि चुराई हुई बाइक को एप पर फोटो डालकर प्रचार-प्रसार कर ग्राहकों से संपर्क कर मोल भाव करके बेच देते थे। जो गाड़ी बेचते थे, उसके स्वामी का नाम, पता ज्ञात कर फर्जी तरीके से अपना फोटो लगाकर आधार कार्ड बनाते थे और ग्राहक को विश्वास में लेकर फर्जी आधार कार्ड सहित बेचीनामा स्टांप पेपर पर लिखकर दे देते थे।
पढ़ाई में स्मार्ट, रुपये की भूख ने बना दिया चोर
पुलिस के मुताबिक, प्रवीन पढ़ने में बहुत अच्छा था। वह बीटीसी करके शिक्षक बनना चाह रहा था। मगर उसी बीच उसे जुए की लत पड़ गई। जिले के एक तहसील मुख्यालय पर जुआ खेलने जाता था। वहां वह तीन लाख रुपये हार चुका था। कर्ज से परेशान था। इसी दौरान उसके मोबाइल फोन पर एक एप के माध्यम से सस्ती बाइक ऑफर मिला। वह उसे खरीदने के लिए गया तो पता चला कि वह चोरी की थी। उसके बाद उसे ऐसे जुर्म की जानकारी मिली। फिर प्रवीन ने कर्ज उतारने के लिए बाइक चोरी करके उसी तरीके से बेचने का काम शुरू किया। पांच माह से उसे बाइक चोरी करने और बेचने का काम शुरू किया था।
विज्ञापन

दो बाइक खरीदने वाले ही लौटाए
पुलिस की जांच में पाया गया कि चोरी की दो बाइक दो लोगों ने खरीद की थी। मगर जब कागजात की पड़ताल की तो पता चला कि वे चोरी की हैं। इसके बाद उन्होंने स्वयं जाकर वाहन स्वामी से मिलकर उन्हें सुपुर्द कर दिया। पुलिस के रिकार्ड में इस लिए 15 बाइक दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें