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Siddharthnagar News: बाॅर्डर से जुड़ी 13 परियोजनाओं को हरी झंडी, तेज होगा विकास

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बढ़नी क्षेत्र के ढेकहरी बुजुर्ग से अर्रानाला तक जाने वाली जर्जर सड़क। संवाद
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सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। सीमावर्ती शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में अब कनेक्टिविटी बेहतर होने जा रही है। क्षेत्र के 56.08 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 13 विकास कार्यों को शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही बजट भी आवंटित कर दिया गया है। इनमें पांच पुल/पुलिया और आठ सड़कों का निर्माण शामिल है। लंबे समय से लंबित ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को गति देंगी।
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इन योजनाओं के तहत जहां नई सड़कों का निर्माण होगा, वहीं पुल और पुलिया बनने से आवागमन की दूरी भी कम होगी। इससे न केवल सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि नेपाल सीमा से जुड़े नागरिकों को भी आवागमन में सहूलियत होगी।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। यहां सड़कों की खराब स्थिति के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खराब सड़कों के कारण आवागमन कठिन होने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही थीं। अब विधायक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर इन कार्यों को स्वीकृति मिलने से लोगों में खुशी है।
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परियोजनाओं में 3.10 किलोमीटर लंबी बढ़नी समय माता स्थान मार्ग का निर्माण 2.47 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ नेपाल से आने-जाने वालों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मधवानगर-बैरिहवा मार्ग (1.45 किमी) का चौड़ीकरण तथा बढ़नी के परसा स्थित मिनी औद्योगिक केंद्र से एनएच तक 4.24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्र तक बड़े वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
इसके अतिरिक्त गोनहा के पास बाढ़ में क्षतिग्रस्त पुलिया, उतरौला क्षेत्र की पुलिया तथा चंदवा से बोहली के बीच करमा नाले पर पुलिया निर्माण भी इस योजना में शामिल है। इन पुल-पुलियों के निर्माण से लोगों की 4 से 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी कम हो जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दूर होगी जल निकासी की समस्या : तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित तालकुंडा ग्राम पंचायत के जलापुरवा टोले में लोक निर्माण विभाग द्वारा नाली निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने पर करीब डेढ़ हजार की आबादी वाले ग्रामीणों में खुशी है। शासन से 20 लाख रुपये की लागत से लगभग 900 मीटर नाली निर्माण को स्वीकृति मिली है। जलापुरवा टोला गोरसी नाले के किनारे स्थित है और हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित रहता है। छह वर्ष पूर्व यहां सड़क और आंशिक नाली निर्माण हुआ था, लेकिन शेष हिस्से में नाली न होने से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी रहती थी। नाली निर्माण शुरू होने से जल निकासी की समस्या दूर होगी और गांव में फैलने वाली बीमारियों पर भी नियंत्रण मिलेगा।
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