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बेहतर पुलिसिंग पर सबको खरा उतरना होगा

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पुलिस कार्यालय परिसर में बने अपराध शाखा के कार्यालय का बुधवार को डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने उद्घाटन किया। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। पुलिस कार्यालय परिसर में बने अपराध शाखा के कार्यालय का बुधवार को डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने उद्घाटन किया। इस भवन के निर्माण में 1.21 करोड़ की लागत आई है। जिले में प्रथम आगमन पर पूर्वाह्न करीब 11 बजे अपराध शाखा के कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद डीजीपी ने अपराध शाखा के एक-एक कक्ष का मुआयना किया और कर्मियों से काम करने के तरीके जाने। इसी क्रम में उन्होंने पुलिस लाइंस में कंबल वितरण और फिर आम का पौधा लगाया। उनके बाद एडीजी गोरखपुर जोन दावा शेरपा, आईजी आशुतोष कुमार व डीआईजी दिलीप कुमार सिंह ने भी पौधरोपण किया। पुलिस लाइंस के सभा कक्ष में रेंज के तीनों जिलों के एसपी, जिला के थानाध्यक्षों व शाखा प्रभारियों के साथ जिलेवार कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान गोवध, संगीन अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि केस दर्ज करने में हीलाहवाली न हो। हर प्रकार के अपराध दर्ज किए जाएं। बेहतर पुलिसिंग ही हमारा उद्देश्य हैं। इस पर सभी को खरा उतरना आवश्यक है। अगर लापरवाही होती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऑनलाइन एफआईआर समेत कई बिंदुओं पर जानकारी हासिल की। नेपाल सीमा पर विशेष निगाह रखने की बात कही। एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह, एसपी संतकबीरनगर आकाश तोमर, एएसपी मुन्ना लाल सिंह, सीओ सदर दिलीप कुमार सिंह, सीओ सुनील कुमार सिंह, सीओ श्रीयष त्रिपाठी, सीओ नईम खान मंसूरी, एसओ शमशेर बहादुर सिंह, अनिल प्रकाश पांडेय, आलोक कुमार श्रीवास्तव, रणधीर मिश्र, अखिलानंद उपाध्याय, आरके सिंह, आरबी सिंह, हरिनरायन दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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जिले के प्रथम आगमन पर पहुंचे डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को पुलिस कार्यालय परिसर में बने क्राइम ब्रांच कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। एक करोड़ 21 लाख से बने क्राइम ब्रांच कार्यालय के एक-एक कमरों का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस लाइंस में पहुंचकर पुलिसकर्मियों के बीच कंबल वितरण किया। साथ ही परिसर में आम का पौधा भी लगाया। पुलिस लाइंस में एडीजी जोन गोरखपुर सहित आईजी, डीआईजी और एसपी के साथ समीक्षा बैठक कर अपराध की वास्तविक स्थिति जानी। अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों पर कार्रवाई में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।



पुलिसिंग के कर्तव्यों को जीवन का हिस्सा बनाएं
डीजीपी ने पुलिस लाइंस में ट्रेनिंग कर रहे 200 रंगरूटों (प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों) के साथ बैठक की। उन्होंने रंगरूटों से उनके विषयों के बारे में सवाल भी किए। उन्हें बताया कि अगर आप अच्छा सीखेंगे तभी अच्छा काम करेंगे। इसलिए यह आवश्यक है कि ट्रेनिंग पर विशेष नजर रखें। अपने दायित्वों और पुुलिसिंग के कर्तव्यों को जिंदगी का हिस्सा बनाते हुए आगे बढ़े। जिससे की जनता के बीच में आपकी छवि बेहतर बन सके।
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महिला सुरक्षा को लेकर सख्त दिखे डीजीपी
सिद्धार्थनगर। महिलाओं की सुरक्षा अहम मुद्दा है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं है। महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें और भयमुक्त होकर घूम सकें। ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है। पुलिस लाइंस सभागार में लगभग 45 मिनट तक चली समीक्षा बैठक में डीजीपी का महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रहा। डीजीपी ने कहा कि महिला सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा हैं। महिलाओं पर अपराध में अंकुश लगाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। अपराधियों पर ऐसी कार्रवाई करें कि अगला व्यक्ति अपराध करने के बारे में सोचें भी न। किसी भी प्रकार के महिला अपराध जैसे छेड़खानी, दुष्कर्म, दहेज हत्या, दहेज उत्पीडन के मामलों में केस दर्ज करते हुए तत्काल कार्रवाई करें। महिला संबंधित अपराध किसी भी हाल में नहीं बढ़ना चाहिए।
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