डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के गरदहिया गांव में तीन दिनों में तीन मौत के साथ ही पिछले करीब एक माह में डायरिया से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। 14 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तब हुई जब बेंवा सीएचसी में इलाज कराने के लिए तीन लोगों को भर्ती कराया गया। जांच के बाद पता चला कि उन्हें डायरिया है। गुरुवार को मामले की जानकारी होने पर देर शाम डीएम और सीएमओ गांव पहुंचे। डीएम कुणाल सिल्कू ने सफाई-व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया और गांव में लगे हैंडपंपों की जानकारी ली है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन माह से कोई सफाई कर्मी नहीं आया है। इस पर डीएम ने एडीओ पंचायत को कड़ी फटकार लगाई।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गरदहिया के दलित बस्ती में एक ही परिवार के तीन लोगों भुईला (68), सुमन (12) व मुसई (70) को 14 अगस्त को बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान पहले सुमन व मुसई की मौत हुई और गुरुवार को भुईला की मौत हो गई। तीनों के डायरिया से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीएन चतुर्वेदी ने बताया कि डायरिया की जानकारी होने पर तत्काल गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई थी। डायरिया से हुई मौत के बाद महकमे को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं, सीएमओ ने बुखार से पीड़ित गांव के हमजा (11) व उरैशा (6) की दवा की पर्ची देखी। पर्ची के पीछे बाहर की दवा लिखी गई थी। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने तत्काल डॉ मनीष वैद्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर के आदेश दिए है।
अब तक इन लोगों की हुई मौत
गरदहिया के दलित बस्ती में डायरिया के प्रकोप से सबसे पहले 19 जुलाई को गुंजा (95) की मौत हुई थी। जिसके बाद 29 जुलाई को साफिया और एक अगस्त को मोतीलाल (68) की मौत हुई थी। इन मौतों के बाद 13 अगस्त को गीता (36), 14 अगस्त को सैफुल्लाह (65), 15 अगस्त को मुसई (70) और 16 अगस्त को भुईला (68) की मौत हुई। डायरिया से पीड़ित सुमन की भी मौत हो गई है।
बेंवा सीएचसी में ये हैं भर्ती
डायरिया केे प्रकोप से पीड़ित भुईला (68), सुमन (12), अखिलेश (14), नंदनी (16), अखिलेश (12), अनीता (25) का बेंवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। जहां भुईला की हालत गंभीर बताई जा रही है।