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न खाने वाले बर्फ का रंग होगा नीला

Mon, 14 May 2018 11:27 PM IST
डुमरियागंज(सिद्धार्थनगर)/रबीन्द्र कुमार गुप्ता ।
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ice cubes
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डुमरियागंज। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इंडस्ट्रियल कामों में इस्तेमाल की जानी वाली बर्फ को पहचान के लिए नीले रंग की निर्मित करने का निर्णय लिया गया है। जिससे इंडस्ट्रियल और घरेलू इस्तेमाल (खाने के लिए) में काम आने वाले बर्फ की पहचान अलग हो सके।
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दरअसल, जिस पानी से इंडस्ट्रियल इस्तेमाल वाली बर्फ बनाई जाती है, वह खाने योग्य नहीं होती है। वहीं खाने योग्य बर्फ को पीने योग्य पानी से बनाया जाता है। सही जानकारी न होने के कारण अक्सर लोग इससे धोखा खा जाते है। ऐसे में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने फैक्ट्री संचालकों को निर्देशित किया है कि न खाने वाले बर्फ के उत्पादन में ब्रिलियंट ब्लू या केरामाइन रंग मिलाएं, जिससे की बर्फ का रंग नीला हो और लोग आसानी से इसे समझ सकें की यह खाने योग्य नहीं है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) इंद्रदेव ने बताया कि बिना खाने वाले बर्फ को पहचान के लिए नीले रंग का बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से खाने और न खाने वाले बर्फ की पहचान आसानी से हो सकेगी। अभियान चलाकर मामले इसकी जांच की जाएगी। फैक्ट्री संचालक कौन सा पानी खाने वाले बर्फ में इस्तेेमाल कर रहे है। अगर गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी।

एक जून से लागू होगी व्यवस्था
डुमरियागंज। न खाई जाने वाली बर्फ का निर्माण नीले रंग में किया जाएगा। यह व्यवस्था एक जून से लागू होगी। बर्फ का रंग नीला करने के लिए फैक्ट्री संचालकों को अखाद्य बर्फ में फूड कलर इंडिगो केरामाइन या ब्रिलियंट ब्लू को 10 पीपीएम तक मिलाना होगा।
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