शाहपुर। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सोसायटी के नाम जमीन दर्ज दिखाकर कब्जा करने के आरोप में डुमरियागंज थाने में 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इसमें मोहम्मद उमर, अब्दुल रहमान, जमी, अबूबकर राईनी, तुफैल अहमद, डॉक्टर हामिद, हलीम, साहब अली, बबलू और बिजली के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस तफ्तीश में जुट गई है।
बस्ती जिले के बेलवाडाडी निवासी नूर आलम ने बस्ती मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को प्रार्थना पत्र देकर अपने नाना की डुमरियागंज स्थित जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां सदरूनिसा के पिता बरखुरदार की मृत्यु के बाद जमीन उनकी मां के नाम दर्ज है, लेकिन गाटा संख्या 479 पर कुछ लोगों ने वर्ष 1975 में बिना रजिस्ट्री कराए अंजुमन रहमानिया इस्लामिया के नाम से फर्जी कागजात तैयार कर हिब्बानामा बनाकर कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, हिब्बानामे पर उनके नाना के हस्ताक्षर भी नहीं हैं। आगे आरोप है कि वर्ष 2011-12 में इस्लामिया रहमानिया एजुकेशनल सोसायटी के नाम से नया फर्म बनाकर मोहम्मद उमर, अब्दुल रहमान, जमी, अबू बकर सहित अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान पर कब्जा बनाए रखा।
शिकायत मिलने के बाद डीआईजी के निर्देश पर सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच डुमरियागंज क्षेत्राधिकारी बृजेश वर्मा से कराई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर रिपोर्ट एसपी को सौंपने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। डुमरियागंज इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।