श्रावस्ती। तराई में बसंत पंचमी से भले ही दिन में लगातार धूप निकल रही हो लेकिन लोगों की दुश्वारियां अब भी बरकरार हैं। रात में कोहरा व सुबह-शाम ठिठुरन लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। वहीं दिन में निकलने वाली धूप में भी बर्फीली पश्चिमोत्तर हवाओं के कारण लोगों को गर्म कपड़े का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले में फरवरी के प्रथम सप्ताह में भी ठिठुरन बनी हुई है। तेज बर्फीली हवा के कारण धूप अपनी गर्मी का अहसास दिला पाने में अक्षम साबित हो रही है। वहीं रात में पड़ने वाला कोहरा व पाला के कारण सुबह-शाम ठिठुरन काफी बढ़ गई है। ऐसे में जहां लोगों को सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं धूप निकलने के बाद भी लोग खुद को गर्म कपड़े में समेटे नजर आ रहे हैं।
हालांकि यह मौसम गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है लेकिन मवेशियों में संक्रामक रोग का खतरा भी बढ़ा है। आमजन भी सर्दी जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिले के अस्पतालों में आने वाला प्रत्येक चौथा मरीज सर्दी-जुकाम व बुखार से पीड़ित बताया जा रहा है।
फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि अभी कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में लापरवाही कदापि न बरतें, अन्यथा बीमार हो सकते हैं।