जिम्मेदारों ने खातेदार व सह खातेदार का बराबर कर दिया हिस्सा, अब सुधारने को लगवा रहे चक्कर
तुलसीपुर। राजस्व टीम द्वारा भूमि के अंश निर्धारण में लापरवाही बरती जा रही है। इस कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जमीन बेचने वालों का अंश घटने के बजाय बढ़ गया है। सह खातेदारों का अंश भी विक्रेता के बराबर हो गया है। अधिक अंश रखने वाले खातेदार वास्तविक अंश दर्ज करवाने के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल व कानूनगो उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
जिसने बेच दी जमीन वह भी बराबर का हकदार
जमुनहा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत चंदरखा बुजुर्ग निवासी बदलू खां ने बताया कि उनके पिता खलील के नाम गाटा संख्या 1518 में 0.849 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। पिता की मृत्यु के बाद बदलू खां, उनके भाई हसन खां, जहांगीर खां और मां मुसम्मात छायला उत्तराधिकारी बनीं और उनके नाम जमीन दर्ज हो गई। उनकी मां मुसम्मात छायला ने अपने हिस्से की भूमि अपनी दो बहुओं जाकिरा पत्नी हसन खां और हसनजहां पत्नी बदलू के नाम कर दिया था। वहीं, बदलू खां ने भी अपने हिस्से की भूमि अपनी पत्नी हसनजहां के नाम कर दिया। जबकि भाई जहांगीर खां ने अपने हिस्से की 204 एयर भूमि सज्जन खां के हाथ बेच दी। बावजूद इसके अंश निर्धारण के बाद सभी छह खातेदारों के नाम बराबर-बराबर जमीन अंकित कर दिया गया।
14 खातेदारों में बराबर-बराबर बंट गई जमीन
जमुनहा तहसील की ग्राम पंचायत चंदरखाबुजुर्ग के मजरा इटरौली निवासी पृथ्वीराज ने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने गाटा संख्या 721 पर दर्ज जमीन का ढाई बिसवा चार साल पहले खरीदा था। उनके द्वारा जमीन खरीदने के बाद विक्रेता का अंश खत्म हो गया था। बावजूद इसके अंश निर्धारण के बाद जिम्मेदारों ने विक्रेता, जिसका हिस्सा खत्म हो गया था, उसके साथ-साथ 14 खातेदारों के नाम बराबर-बराबर कर दी गई। पृथ्वीराज ने आरोप लगाया कि गलत अंश निर्धारण के बाद सुधार के लिए उन्हें आवेदन किया था लेकिन करीब छह माह बीतने के बाद भी अभिलेख दुरुस्त नहीं हो सके हैं। वह कई बार तहसील के चक्कर लगा चुके हैं। वहां उन्हें बताया जाता है कि मामला उपजिलाधिकारी न्यायिक के स्तर पर पोर्टल पर लंबित है।
पृथ्वीराज।बदलू खां।-