गिलौला (श्रावस्ती)। डीएम के निर्देश के बाद भी बिजली निगम के जेई व एसडीओ ने एस्टीमेट का पैसा जमा कराए बिना ट्रांसफार्मर हटवा दिया। शिकायत के बाद अब खुद को फंसता देख इस मामले में एक संविदा कर्मचारी को दोषी बताकर जिम्मेदार बचने की कोशिश में जुटे हैं। गिलौला कस्बा स्थित वाल्मीकि मंदिर के निकट एक घर के पीछे कई वर्षों से ट्रांसफार्मर लगा था। इसे घर के पीछे से हटाने के लिए कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने पूर्व डीएम को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था।
डीएम के निर्देश पर इसे हटवाने के लिए बिजली निगम की ओर से डेढ़ लाख रुपए का एस्टीमेट बनाया गया था। जिसे जमा करने के बाद ट्रांसफार्मर हटाने की बात कही गई थी। तीन माह पूर्व बगैर एस्टीमेट का पैसा जमा कराए विद्युत उप केंद्र गिलौला में तैनात तत्कालीन एसडीओ शिव कुमार वर्मा व जेई अमित प्रजापति ने संविदा लाइनमैन दिनेश पासवान को मौके पर भेज कर ट्रांसफार्मर करीब 500 मीटर दूर हटवा दिया।
शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों ने जब जवाब तलब किया तो एसडीओ ने संविदा कर्मचारी दिनेश पासवान को दोषी करार देते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर दी। अधिशाषी अभियंता विद्युत रणजीत चौधरी ने फिलहाल इसकी जानकारी से इंकार करते हुए पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। संवाद