श्रावस्ती। मामूली विवाद में गिलौला के मुकेरी चकबरहिया में पंद्रह वर्ष पूर्व हुई मारपीट के मामले में मंगलवार विशेष न्यायाधीश एससी एसटी ने फैसला सुनाया। अपर जिला जज ने तीन दोषियों को साढ़े तीन साल की कठोर कारावास व ढाई हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे विशेष अभियोजक प्रेम कुमार मिश्रा ने बताया कि गिलौला थाना क्षेत्र के अब बहराइच के थाना कोतवाली देहात अंतर्गत ग्राम मुकेरी चक बरहिया निवासी गीता देवी ने एक अक्तूबर 2008 को गिलौला थाने में तहरीर दी थी। बताया कि घटना के दिन सुबह गांव के रामपाल यादव, हनोमान यादव, राजाराम यादव, मिल्लू यादव, सियाराम यादव, रामदयाल यादव, मिश्री लाल यादव, सुंदर लाल यादव व प्रताप यादव ने खड़ंजे पर गोबर बहाने की बात पर न सिर्फ जाति सूचक गाली दी, बल्कि जान से मारने की धमकी देकर पिटाई की थी।
पुलिस ने केस दर्ज कर रामपाल यादव, राजाराम यादव व प्रताप यादव के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र भेजा था। जिसके विचारण के बाद मंगलवार को अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी उमेश कुमार ने आरोपी रामपाल, राजाराम व प्रताप को दोषी करार देते हुए साढ़े तीन वर्ष सश्रम कारावास व 2500-2500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर आरोपियों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।