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मौसम में है नमी, संभल कर जलाएं पटाखा

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श्रावस्ती। मौसम में इस समय काफी नमी है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पटाखा जलाने वालों से ऐहतियात बरतने की अपील की है। इस दौरान ज्यादा धुआं फैलाने वाले पटाखों से दूर रहने को कहा गया है।
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अभी कुछ दिन पहले ही जिले में बाढ़ व जलभराव की स्थिति थी। अभी भी इसका प्रभाव है। वातावरण में अच्छी खासी नमी है। इसी नमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दीपावली में पटाखा जलाने में एहतियात बरतने की अपील की है। सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने कहा है कि नमी के कारण पटाखे का धुआं ऊपर न जाकर नीचे हमारे इर्द-गिर्द ही रहकर सांसों के साथ ही फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए सांस लेने में तकलीफ पैदा करने वाली बीमारी कोरोना सहित अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पटाखों से निकलने वाले धुएं में मौजूद कैडमियम फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है। जिससे श्वसन तंत्र प्रभावित होता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है। इसके साथ ही इसमें मौजूद सल्फर, कॉपर, बेरियम, लेड और एल्युमिनियम आदि सीधे श्वसन तंत्र क्षतिग्रस्त करते हैं।
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एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि पटाखों से निकलने वाली तेज रोशनी आंखों को भी नुकसान पहुंचाती है। इससे आंखों में खुजली व दर्द हो सकता है। आंखें लाल हो सकती हैं और आंसू निकल सकते हैं। चिंगारी आंखों में जाने से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। पटाखों का तेज धमाका कानों पर भी असर डालता है। इससे कम सुनाई पड़ना या बहरापन की भी दिक्कत हो सकती है। इसलिए जितना हो सके पटाखों से दूर रहें।
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