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Shravasti News: फर्जी शिक्षकों से भरा है जिले का शिक्षा कोष

Fri, 01 Aug 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की जैसे-जैसे जांच हो रही है, वैसे-वैसे जालसाजों की लिस्ट भी लंबी होती जा रही है। जिले में अब तक 72 शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से कई शिक्षकों को जेल भेजा जा चुका है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वालों के पकड़े जाने के बाद जांच प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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परिषदीय विद्यालयों में विभिन्न चरणों में हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में जालसाजी कर कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी हथिया ली। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान संदेह होने पर शासन ने वर्ष 2010 के बाद से तैनात सभी शिक्षकों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पुन: शुरू कराई। इसके लिए जिला स्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में एएसपी व बीएसए की संयुक्त टीम गठित की गई थी। जबकि जिला स्तरीय कमेटी ने बीईओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। जैसे-जैसे जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी वैसे-वैसे फर्जी शिक्षकों की कलई भी खुलने लगी। जिले में अब तक विभागीय जांच में 72 शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसमें से 22 शिक्षक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। बुधवार को बर्खास्त हुए फर्जी शिक्षकों में पांच शिक्षक एटा जिले के तथा एक शिक्षक मथुरा का रहने वाला है। इनकी तैनाती वर्ष 2017 में 10 हजार शिक्षक भर्ती में हुई थी।
इन भर्तियों में अब तक मिल चुके हैं जालसाज
ऐसे तो शासन की ओर से वर्ष 2010 के बाद सभी सभी भर्तियों की जांच कराई जा रही है। इसमें अब तक वर्ष 2016 में हुई गणित, विज्ञान शिक्षक भर्ती अब तक 13 फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसी तरह से वर्ष 2017 में 10 हजार शिक्षक भर्ती में 11 फर्जी शिक्षक मिले हैं। इसी तरह से वर्ष 2018 में हुई 68,500 शिक्षक भर्ती में दो शिक्षक फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी करते मिले हैं। इसी तरह से विशिष्ट बीटीसी शिक्षक भर्ती में भी कई शिक्षक फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी हथियाने में सफल हो चुके हैं।
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सभी शिक्षकों का पुन: सत्यापन कराया जा रहा है। जैसे-जैसे फर्जी शिक्षक मिलते जा रहे हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है।
- अजय कुमार, बीएसए
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