श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार शाम जिला गोसंरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। इस दौरान गोशालाओं में निरुद्ध गोवंशों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर चर्चा हुई। साथ ही सीवीओ को शत-प्रतिशत गोवंशों की टैगिंग कराने का निर्देश दिया।
बैठक में डीएम टीके शिबु ने निर्देश दिया कि सभी पशु चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण कर गोशालाओं में गोवंशों की बेहतर ढंग सेे देखभाल कराएं। जिससे गोवंशों को कोई दिक्कत न होने पाए। जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी स्थायी व अस्थायी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण के लिए धनराशि का भुगतान कराने का निर्देश दिया। साथ ही उनकी देखभाल किए जाने तथा सुपुर्द गोवंशों के भरण पोषण के लिए धनराशि के भुगतान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया।
डीएम ने जिले में स्थित सभी गोआश्रय स्थलों में सहजन के पेड़ लगवाने तथा वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित सभी पशु चिकित्साधिकारियों को निराश्रित गोवंशों की शत-प्रतिशत टैंगिग कराने का निर्देश दिया। वहीं नए गोआश्रय स्थलों के चयन के लिए भूमि के चिन्हांकन किए जाने तथा अक्रियाशील गोआश्रय स्थलों को क्रियाशील किए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंशों की सुरक्षा व संरक्षा के लिए संवेदनशील है। ऐसे में आप सभी की जिम्मेदारी बनती है कि पूरी निष्ठा व इमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इसमें यदि किसी प्रकार की कोई लापरवाही मिली तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशान प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक बीएम शुक्ला, वरिष्ठ कोषाधिकारी गिरीश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव, जिला कृषि अधिकारी आरपी राना, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं संबंधित उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।