श्रावस्ती। गेहूं का बाजार मूल्य इस समय 2070 रुपये है। इसका भुगतान किसानों के हाथों में तत्काल हो जाता है। जबकि समर्थन मूल्य 2015 रुपये है। इसमें 20 रुपये किसानों को केंद्रों पर उतराई, छनाई व सफाई के देने होंगे। यही कारण है कि क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है। जबकि आढ़त गुलजार है।
गेहूं की फसल खरीदने के लिए जिले में 36 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए सख्त नियम हैं। डीएम की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई बैठक में इन नियमों की जानकारी दी गई। बैठक में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया है कि इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। इसे खरीदने के लिए विपणन शाखा के सात, पीसीएफ के चौबीस, यूपीएसएस के चार व भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्रों पर उतराई, छनाई व सफाई में आने वाला 20 रुपये प्रति क्विंटल का व्यय किसानों को स्वयं वहन करना होगा।
जिले में गेहूं क्रय एक अप्रैल से प्रारंभ हो गई है। लेकिन स्थिति इस बार जिले में हटकर है। पहले तो जिले के 3065 किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए अपना पंजीकरण कराया। लेकिन इसमें से सात दिन बीत जाने के बाद कोई किसान यह पूछने नहीं आया कि उसकी फसल कब खरीदी जाएगी। इसका कारण है कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये है तो बाजार भाव 2070 रुपये है। यानी कि समर्थन मूल्य से 55 रुपये प्रति क्विंटल बाजार चढ़ा हुआ है। जिसके चलते जिन किसानों की फसल तैयार हो गई है। वह क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने के बजाए वह मंडी या फिर बाजार में बैठे अन्य आढ़तियों के यहां अपनी फसल पहुंचा रहे हैं। जिसके चलते उन्हें नगद पैसा तो मिल रहा है। साथ ही 20 रुपये प्रति क्विंटल सफाई व उतराई के नाम पर खर्च होने वाले से मुक्ति मिल जा रही है।
कंट्रोल रूम स्थापित
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय में जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसका मोबाइल नंबर 8375994816 व 9336059090 है। जहां किसान अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
सरकारी केंद्रों पर यह तय मानक
क्रय केंद्र पर गेहूं साफ करके लाना होगा। गेहूं में विजातीय तत्व 0.75 प्रतिशत, अन्य खाद्यान्न 02 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त 02 प्रतिशत, किंचित क्षतिग्रस्त दाने 04 प्रतिशत, सिकुड़े एवं टूटे दाने 06 प्रतिशत तथा नमी 12 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त यदि इनके मात्रा में वृद्धि होती है तो उसमें कटौती की जाएगी।