श्रावस्ती। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना कभी भी जारी हो सकती है। ऐसे समय में नगर पालिका परिषद भिनगा की ओर से अब 45 कार्यों का टेंडर निकाला गया है। जिसे पूरा करने के लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया है। यदि अधिसूचना जारी हुई तो टेंडर प्रक्रिया सहित विकास कार्य अधर में लटक जाएंगे।
नगर पंचायत से नगर पालिका परिषद भिनगा बनाने में शामिल ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को चहुंमुखी विकास की उम्मीद थी। लेकिन पांच वर्ष उन्हें दुश्वारियां ही झेलनी पड़ीं। नगर के वार्ड बने इन मोहल्लों में रहने वाले लोग नाली सड़क, इंटरलाकिंग व पाइप लाईन पेयजल योजना के लाभ को तरसते रहे।
वार्ड सभासद से लेकर अधिशाषी अधिकारी तक से लोग मिलकर गुहार लगाते रहे। सभासद अध्यक्ष से तो अध्यक्ष ईओ से तालमेल न होने की बात कह अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़।
अब जब कभी भी नगर निकाय चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो सकती है। तब नगर पालिका परिषद की ओर से सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए खजाने का मुंह खोल दिया गया है। गत 19 नवंबर को चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से 26 कार्यों का टेंडर जारी किया गया। इनमें करीब 24 नाली व इंटरलाकिंग निर्माण सहित दो सामुदायिक शौचालय निर्माण शामिल हैं।
इतना ही नहीं नगर पालिका की ओर से 15वें वित्त आयोग से करीब छह पाइप लाईन विस्तार, 13 नाली व इंटरलाकिंग निर्माण के लिए 16 दिसंबर को निविदा का प्रकाशन किया गया है। इस निविदा को 22 दिसंबर को दोपहर दो बजे खोला जाएगा। ऐसे में यदि चुनाव अधिसूचना जारी हुई तो यह प्रक्रिया अधर में लटक सकती है।
अब्दुल कलाम नगर निवासी इब्राहिम का कहना है कि नगर पालिका को विकास की नहीं सरकारी धन को ठिकाने लगाने की जल्दी है। विकास में रुचि होती तो लोग पांच वर्ष तक मूलभूत सुविधाओं को न तरसते। पंकज तिवारी का कहना है कि अब तक नगर व वार्ड के विकास की याद नहीं आई। अब जब चुनावी बिगुल बजने को है, तब जल्दबाजी में वोट के लिए टेंडर निकाला जा रहा है। सिविल लाईन के बगुरईयां में लोग मूलभूत सुविधा को तरसते रहे। जबकि जहां जरूरत नहीं वहां विकास कार्य कराने के लिए टेंडर निकाला गया। रामधन, मोहम्मद यूनुस ने कहा कि नगर पालिका का टेंडर विकास के लिए नहीं वोट की राजनीति है।