श्रावस्ती। नगर के मजदूरी पेशा लोगों को काम दिलाने के लिए बना शहरी आजीविका केंद्र अब बंद होने की कगार पर है। यहां पंजीकृत 1200 लोगों में केवल एक के पास ही रोजगार है। शहर के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिले। इसके लिए कुछ वर्ष पूर्व नगर विकास अभिकरण में शहरी आजीविका केंद्र खोला गया था। उस समय शासन का भी आदेश था कि सरकारी विभागों में यदि कार्मिकों की आवश्यकता हो तो इसी केंद्र से लिया जाए।
इसके बाद तो केंद्र में पंजीकरण कराने वालों की भीड़ बढ़ गई थी। देखते ही देखते लगभग बारह सौ बेरोजगारों ने यहां पंजीकरण कराया। प्रारंभिक दौर में इस केंद्र के पास सरकारी विभाग व 8 निजी संस्थाओं की ओर से श्रमिकों की मांग भी हुई। ऐसे में नगर पालिका भिनगा, जिला पंचायत व स्वास्थ्य विभाग में कई बेरोजगारों को काम मिला। इसी के बाद जेम पोर्टल व्यवस्था लागू होते ही यह केंद्र सरकारी फाइलों में बंद हो गया। अब यहां काम की तलाश करने वाले लोगों का पंजीकरण तो है, लेकिन इस केंद्र के पास उन्हें देने के लिए काम नहीं है।
पांच प्लंबर, 25 इलेक्ट्रिशियन, 80 एकाउंटेंट, 300 सफाई कर्मी, 30 राजगीर व 250 कंप्यूटर ऑपरेटर पंजीकृत है। इसमें से लगभग दो सौ को सरकारी कार्यालयों में व चार को निजी क्षेत्र में काम मिला था।
नियमों में परिवर्तन के कारण अब सरकारी कार्यालयों में जेम पोर्टल से कार्मिक लिए जा रहे हैं। शहरी आजीविका केंद्र को भी तैयार किया जा रहा है कि वह भी जेम पोर्टल के माध्यम से रोजगार का सृजन करें।
प्रवेन्द्र कुमार, एसडीएम भिनगा