श्रावस्ती। बादलों की लुकाछिपी से बढ़ी उमस भर गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती उपभोक्ताओं की परेशानी को बढ़ा रही है। फाल्ट के कारण आए दिन घंटों बिजली गुल रहने अथवा लो वोल्टेज से सभी परेशानहाल हैं। वीआईपी फीडर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में बिजली की आंख मिचौली कायम बनी है।
मौसम के बदले मिजाज के कारण आषाढ़ के बाद अब सावन का महीना भी सूखा ही खत्म होने की कगार पर है। इस दौरान उम्मीद से काफी कम बारिश होने से सबसे ज्यादा हताशा व निराशा खेती किसानी से जुड़े लोगों को उठानी पड़ रही है। इस दौरान बादलों की लुकाछिपी के बीच निकल रही तेज धूप से हो रही उमस भरी गर्मी से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
ऐेसे में लाइन फाल्ट के चलते घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन हो रही अघोषित बिजली कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहरी इलाकों में भी बिजली की आवाजाही लोगों की मुसीबत बढ़ा रही है। रात में बिजली गुल हो जाने अथवा लो वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को रात जागते हुए काटनी पड़ रही है।
विद्युत उपकेंद्र बगुरइयां के मछरिहवा फीडर का शुक्रवार शाम इंसूलेटर में खराबी आ गयी। इसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कराने के दौरान ही सिविल लाइन में लगा दस केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। जिसे देर शाम बदला जा सका। इसके बाद बहाल हुई क्षेत्र की आपूर्ति रात करीब दो बजे फिर लाइन फाल्ट आ जाने के कारण बाधित हो गयी, जो शनिवार को सुबह दस बजे के बाद ही बहाल हो पायी। इस कारण करीब 19 गांव के पांच हजार उपभोक्ताओं को पूरी रात परेशानी उठानी पड़ी। जबकि सिरसिया व जमुनहा क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या सभी की दिक्कत बनी है। लो वोल्टेज के कारण न तो किसान खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं और न ही घरों में लगे विद्युत उपकरण ही ठीक से काम कर पा रहे हैं। नहीं कर रहे हैं।
उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। ऐसे में फीडरों पर अधिभार के कारण वह बार बार गर्म हो रहे हैं। इन्हें ठंडा करने के लिए ही आपूर्ति बाधित करना पड़ रही है।
डीपी सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत