फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एयरपोर्ट के लिए मिला बजट, अगले माह से उड़ान संभव

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। दूसरे कार्यकाल के प्रस्तुत पहले बजट में मुख्यमंत्री योगी ने श्रावस्ती में हवाई उड़ान के सपने को जल्द पूरा करने का तोहफा दिया है। बजट घोषणा के क्रियान्वयन से अगल माह से श्रावस्ती एयरपोर्ट से नियमित उड़ान शुरू हो जाने की संभावना प्रबल हो गयी है। इसके साथ ही भीषण गर्मी में छप्पर के नीचे बैठकर काम काज को मजबूर अधिवक्ताओं के चेंबर को भी जल्द ही पक्की छत मिलेगी।
विज्ञापन

गुरुवार को विधान सभा में प्रस्तुत बजट में श्रावस्ती के सर्वांगीण विकास के लिए एयरपोर्ट से जुड़े कार्य को जल्द ही पूरा कराने के लिए खर्च धनराशि का विशेष प्राविधान किया गया है। यह परियोजना रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम के अंतर्गत नो फ्रिल्स एयरपोर्ट के रूप में तैयार की जा रही है। इसकी स्वीकृति 2018 में हुई थी। उस समय प्रस्तावित प्रोजेक्ट की लागत 2045.62 लाख रुपया थी लेकिन जैसे जैसे समय बढ़ता गया, इसकी लागत बढ़ कर 2471.44 लाख रुपया हो गई।
अब तक इस परियोजना पर कार्यदायी संस्था के पक्ष में 2348.00 लाख रुपया जारी किया है। इस पर 1947.00 लाख रुपया खर्च भी हो चुका है। बजट में साज सज्जा के लिए और धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे अगले माह जून तक एयरपोर्ट से नियमित उड़ान शुरू हो जाने का भरोसा जताया जाने लगा है। उड़ान शुरू होते ही बौद्ध पर्यटन को पंख लगने से इस पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति भी पर्यटन उद्योग से बेहतर बन सकेगी।
विज्ञापन

इसके साथ ही बजट में अधिवक्ता चेंबर के लिए बजट का आवंटन किया गया है। जिले में अभी तक अधिवक्ता नए कैंपस में छपपर के नीचे बैठने को मजबूर थे। यहां अधिवक्ता चेंबर की मंजूरी पहले मिल गई थी लेकिन अब बजट में इसके लिए धन आवंटित होने से पूरी परियोजना के जल्द ही पूरा हो जाने से अधिवक्ताओं को पक्की छत वाले चैंबर की सौगात मिलेगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत थारू सहित अन्य जनजातियों को आवासीय सुविधा देने के लिए इस बार बजट में विशेष प्राविधान किया गया है। इसका लाभ सिरतसिया क्षेत्र के थरुओं को ज्यादा मिलेगा। यही नहीं श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत धन आवंटन से जिले के करीब बीस हजार आबादी का जीवन स्तर भी बेहतर बन सकेगा।
अधिवक्ता कल्याण निधि में पंजीकृत ऐसे अधिवक्ता तो तीस वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके हों। उन्हें पहले डेढ़ लाख रुपये दिया जाता था। इस बजट में इसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने न्यासी समिति को बजट आवंटन किया है। इस सूचना के बाद जिले के अधिवक्ताओं मे हर्ष है। माडल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश शुक्ला व पूर्व महामंत्री दिलीप तिवारी ने इसका जोरदार स्वागत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें