श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम ने ईट भट्ठा यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने भट्ठा संचालकों से लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, समय से रॉयल्टी जमा करने व बगैर अनुमति मिट्टी खनन न करने की बात कही।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि राजस्व वसूली से ही सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है इसलिए ईट भट्ठा संचालक तत्काल विनियमन शुल्क जमा कर दें। संज्ञान में आया है कि कुछ ऐसे संचालक हैं जो राजस्व, वन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र और जिला पंचायत से लाइसेंस लिए बिना भट्ठों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे भट्ठा संचालकों की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि जांच कराकर कार्रवाई की जा सके। जिन भट्ठा संचालकों ने अब तक लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराया है वे तत्काल सभी औपचारिकताएं पूरी कर लाइसेंस नवीनीकरण करा लें। डीएम ने भट्ठा संचालकों से कहा कि मजदूरों व उनके परिवार को भट्ठों पर सभी आवश्यक सुविधाएं दें। समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराएं।
यदि कोई मजदूर अस्वस्थ मिले तो उनके इलाज की पूरी व्यवस्था करें। साथ ही उनके बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास करें ताकि भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे भी पढ़-लिख सकें। भट्ठे पर काम करने वाली महिलाओं की सूची संबंधित थानों को दी जाए ताकि उन्हें मिशन शक्ति योजना से जोड़ा जा सके। बाल मजदूरों से काम न कराया जाए। इस दौरान भट्ठा यूनियन के पदाधिकारियों ने गोशालाओं में 500 क्विंटल भूसा देने का आश्वासन दिया। इस दौरान एडीएम कमलेश चंद्र, एसडीएम प्रवेंद्र कुमार, आरपी चौधरी, सौरभ शुक्ला, एमए सुभाष भारती, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर कृष्ण मुरारी यादव आदि मौजूद रहे।