श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार देर शाम गंगा संरक्षण समिति की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता डीएम ने की। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने पूर्व में सम्पन्न हुई बैठक के निर्णयों की समीक्षा किया। इस दौरान उन्होंने नामामि गंगे योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा किया। उन्होंने सिंचाई विभाग व जल निगम को इस अभियान के तहत की जिले में राप्ती नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उपाय तलाशने व उनके अनुपालन के निर्देश दिये। उन्होंने प्रदूषण के स्रोत जैसे शवदाह गृह, अपशिष्ट पदार्थों आदि को नदियों में न प्रवाहित करने के निर्देश दिए।
राप्ती नदी के सतही प्रवाह तथा उप सतही जल (भूजल) के मध्य समग्र संबंध स्थापित करने के प्रयास शुरू करने को कहा। सिंचाई व वन विभाग को संयुक्त रूप से आवाह क्षेत्र में लुप्त हो चुकी वनस्पतियों के पुन: सृजन के लिए प्रयास शुरू करने के निर्देश दिए। नदी में गिरने वाले नालों व ठोस अपशिष्ट का विवरण बनाने तथा रिवरफ्रंट डेवलपमेंट जैसी योजनाओं के लिए संभावनाएं तलाशने एवं वन विभाग को वृहद पौधरोपण अभियान संचालित करने व सहयोग करने को कहा। ग्राम विकास विभाग को औद्योगिक इकाईयों से निकल रहे अपशिष्ट पदार्थों की निगरानी करने व जल स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले रसायनों को नदियों में जाने से रोकने का प्रयास करने के लिए सिंचाई विभाग को कहा। बैठक में सीडीओ अनुभव सिंह, डीएफओ एपी यादव, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड विनोद कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड 6 अजय कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।