श्रावस्ती। फाइलेरिया से लोगों को बचाने के लिए 12 मई से 25 मई के बीच मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 1075 टीमें 10,32,126 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे।
जिले में इस समय फाइलेरिया अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए 12 मई से 1075 टीमें घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि दो साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती व गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं खिलानी है। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने से जब शरीर में परजीवी मरते हैं तो कई बार सिरदर्द, बुखार, उलटी, बदन में चकत्ते और खुजली जैसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। यदि किसी को ज्यादा दिक्कत होती है तो आशा कार्यकर्ता के माध्यम से ब्लॉक रिस्पांस टीम को सूचित कर सकता है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे। यह दवा सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को 11 बजे से तीन बजे तक खिलाई जाएगी। एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी एक छिपा हुआ दुश्मन है, क्योंकि इसके लक्षण संक्रमण के 8 से 12 सालों बाद नजर आते हैं। ऐसी स्थिति में मानव शरीर के अंगों हाथ, पैर, स्तन, अंडकोष में सूजन बढ़ने लगती है।
फाइलेरिया से बचाव के लिए मच्छरों से बचना जरूरी है और मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। इस दौरान जिला स्वास्थ शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अभय प्रताप, डॉ. उदित मोहन, संजीव कुमार, राम शाभित तिवारी, राजीव गुप्ता, शालिनी त्रिपाठी, संदीप यादव सहित काफी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद रहे।