सर्द हवाओ से बचने का प्रयास करते लोग व बच्चे।
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श्रावस्ती। तराई में ठंड का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम को शुरू होने वाला कोहरा सुबह करीब ग्यारह बजे तक बूंद बन कर बरसता रहा। इसके साथ ही पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण ठिठुरन कम होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार तराई का न्यूनतम तापमान साढ़े चार डिग्री सेल्सियस रहा। इससे लोगों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार पड़ रही ठंड के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त देखा जा रहा है।
जिले में कोहरे का प्रकोप जारी है। बुधवार रात घने कोहरे के कारण दोपहर तक वाहनों की रफ्तार धीमी रही। वहीं गुरुवार दोपहर तक कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा। दोपहर बाद कोहरा तो छंटा लेकिन दुश्वारियां बरकरार रहीं। आसमान पर छाए बादलों के कारण जहां सूरज दिखाई नहीं पड़ा। वहीं नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व लगातार करीब तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर हवा के कारण ठिठुरन बरकरार रही। ऊनी गर्म कपड़े भी लोगों को कंपकंपाती ठंड से राहत नहीं दिला पाए।
ऐसे में ठंड से बचने के लिए लोग अलाव व विद्युत उपकरणों का सहारा लेने को विवश रहे। गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान साढ़े चार डिग्री सेल्सियस रहा। किसानों का मानना है कि अलसी व मसूर में भी फूल आने लगे हैं। ऐसे में यदि मौसम सामान्य हुआ तो किसानों को फायदा मिल सकता है। इस बारे में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमपी सिंह बताते हैं कि मौसम में उतार चढ़ाव अभी बना रहेगा। सुबह घना कोहरा व रात में पाला गिरने की संभावना जताई जा रही है।