श्रावस्ती। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान कागजों में ही पूरा हो गया जबकि जिले की सभी सड़कें राहगीरों को मौत का दावत दे रही हैं। कुछ सड़कें तो ऐसी हैं जिनमें बड़े-बड़े होल बने हुए हैं। इन होल में आए दिन कोई न कोई गिर कर अस्पताल पहुंच जाता है। यह हाल तब है जब शासन सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए कठोर है।
विभिन्न मंचों से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने सड़कों को गड्ढा मुक्त न करने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद भी इस आदेश का जिले में कोई असर नहीं हुआ। सड़कों को गड्ढा मुक्त कराना तो दूर उनमें बने बड़े-बड़े होल में मिट्टी तक नहीं डाली जा सकी। यह होल अब राहगीरों को मौत का दावत दे रहे हैं।
जिले में ऐसी सड़कें जमुनहा व हरिहरपुररानी में तो आमतौर पर देखी जा सकती हैं लेकिन भिनगा-बहराइच फोरलेन मार्ग भी इस तरह के रेनकट व होल से मुक्त नहीं है। भिनगा से लक्ष्मन नगर के बीच सड़क के की दोनों पटरियों पर बड़े-बड़े रेन कट हैं। कुछ स्थानों पर पटरियां भी जर्जर हो चुकी हैं जिसके चलते आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मल्हीपुर से बाबागंज मार्ग मुख्य रूप से बहराइच व नेपाल को जिले से जोड़ती है। नेपाल से जुड़ने के कारण इस पर ट्रैफिक भी अधिक रहती है लेकिन सड़क बहुत जर्जर है। अवसान कुंडी, सरयू नहर के पास, बर्रोह पुल के पास, फकीरा समय मंदिर के पास सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है।
इस सड़क की पटरियों पर कई जगह बड़े-बड़े होल बन गए हैं जिनमें गिरकर बाइक सवार व अन्य वाहन सवार घायल होते रहते हैं। यहां तक कि कई बार इन गड्ढों में गिरने के कारण लोग गंभीर स्थिति में अस्पताल भी पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद इस सड़क की स्थिति सुधारने की कोई कवायद नहीं हुई।
खरगौरा-सेमरी मार्ग से सेमरी होते हुए इकौना व बलरामपुर जाया जा सकता है। एक तरह से यह बाईपास मार्ग भी है। इस सड़क पर यातायात घनत्व भी अधिक रहता है। यही नहीं यह सड़क लगभग पच्चीस ग्राम पंचायतों को आपस में जोड़ती है। इसके बाद भी इसकी स्थिति काफी जर्जर है। पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। हालत यह है कि इस सड़क पर वाहन से चलना दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है।
भिनगा-बहराइच मार्ग वैसे तो फोरलेन है लेकिन यह भी गड्ढे से मुक्त नहीं है। कलेक्ट्रेट से आगे बढ़ते ही रेन कट के कारण सड़क दुर्घटना को आमंत्रण देती है। इस तरह की स्थिति लक्ष्मन नगर तक है। यही नहीं भिनगा नगर की सड़कें भी गड्ढा मुक्त नहीं है। ईदगाह, खैरीमोड़, पुराना पेट्रोलपंप व सिसवा के साथ ही दहाना-लक्ष्मनपुर बाजार मार्ग की स्थिति भी बहुत जर्जर है।
अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने बताया कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश शासन से आया था। इसकी जवाबदेही लोक निर्माण विभाग की है। उनसे जवाब लिया जाएगा कि अब तक कितनी सड़कें गड्ढा मुक्त हुई हैं। इसी के बाद कुछ कहा जा सकता है।