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वाह रे शिक्षा विभाग: फर्जी शिक्षक बता रिक्शा चालक को भेज दिया 51 लाख की रिकवरी का नोटिस, देख रह गया हक्काबक्का

Sun, 22 Dec 2024 03:39 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती

सार

श्रावस्ती में फर्जी शिक्षक बताकर रिक्शा चालक को 51 लाख की रिकवरी का नोटिस भेज दिया गया। देखकर पीड़ित व परिवार के लोग हक्काबक्का रह गए। 
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पीड़ा बताता मनोहर यादव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के श्रावस्ती में बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षक नियुक्ति के मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है। इसी बीच विभाग ने एक रिक्शा चालक को फर्जी शिक्षक बताकर उसे लाखों रुपये की रिकवरी का नोटिस थमा दिया। साथ ही पैसा भुगतान न करने पर उसे आरसी जारी कर वसूली करने की चेतावनी दी गई है। 

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मामला भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोड़पुरवा का है। गांव निवासी मनोहर यादव दिल्ली में रहकर हाथ रिक्शा चलाता है। वह निरक्षर भी है। उसका परिवार गांव में रहता है। शुक्रवार को उसे डाकिए के जरिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक नोटिस मिला। 
 

सहायक शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे थे

11 दिसंबर 2024 को जारी इस नोटिस में कहा गया कि आप सुरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र मैन बहादुर सिंह निवासी सीहमई कारीरात, तहसील अकबरपुर, जनपद अंबेडकरनगर के छद्म नाम व पते का प्रयोग करके बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन उच्च प्राथमिक विद्यालय, नव्वापुरवा, विकासखंड जमुनहा, श्रावस्ती में सहायक शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे थे। 
 

आप द्वारा कूटरचित अभिलेख का प्रयोग करके नौकरी करने की पुष्टि हुई है। आपकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। साथ ही आपके विरुद्ध थाना कोतवाली भिनगा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आप ने जून 2020 तक बेसिक शिक्षा विभाग से 51 लाख 63 हजार 53 रुपये नगद वेतनादि का भुगतान प्राप्त किया है। 
 

राजकोष में जमा करा दें 51 लाख

निर्देशित किया जाता है कि यह पैसा एक सप्ताह के भीतर कोषागार श्रावस्ती के राजकोष में जमा करा दें। जमा रशीद ले लें। अन्यथा भू-राजस्व वसूली की भांति आपसे वसूली की जाएगी। 
 
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नोटिस मिलने के बाद पीड़ित और उसके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि नोटिस मेरे कार्यालय से ही जारी हुई है। यदि उसे कुछ तथ्य सामने रखना है तो साक्ष्य सहित कार्यालय आकर अपनी बात कह सकता है।

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