श्रावस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ड्राॅपआउट बच्चों के चिह्नीकरण के लिए परिवार सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 1293 ड्रॉपआउट बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को तैनात किया जाएगा।
किन्हीं कारणों से स्कूल न जाने वाले व पढ़ाई से दूरी बनाने वाले छात्रों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। इसके लिए परिवार सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें अब तक 1293 बच्चों को चिह्नित किया गया है।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता प्रणव त्रिपाठी ने बताया कि पांच या उससे अधिक ड्राॅपआउट बच्चों की संख्या वाले स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। ये शिक्षक बच्चों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित कर उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे।
ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षित करने के लिए जिले में कुल 65 एसटीसी बनाए गए है। इन छात्रों में प्रशिक्षण के दौरान जैसे-जैसे शिक्षा के स्तर में सुधार होगा, वैसे-वैसे उनका नामांकन नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में कराया जाएगा।
यहां हैं इतने स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर
पांच या उससे अधिक ड्राॅपआउट छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र में 25, गिलौला में सात, इकौना में 12, जमुनहा में सात व सिरसिया में 14 परिषदीय विद्यालयों को एसटीसी के रूप में चिह्नित किया गया है। वहीं, जिन क्षेत्रों में पांच से कम ड्राॅपआउट बच्चे हैं, उन्हें नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में संबंधित शिक्षक प्रशिक्षित करेंगे।
ड्रॉपआउट बच्चों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। सेवानिवृत्त शिक्षकों के न मिलने पर प्रशिक्षित वालंटियर की तैनाती की जाएगी। इससे ड्राॅपआउट बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने में सहायता मिलेगी।
-अजय कुमार, बीएसए