श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई में दो दिन से रुक-रुक कर जारी बारिश के चलते राप्ती का जलस्तर बढ़ गया है। नदी लाल निशान 127.70 मीटर से 60 सेमी ऊपर बह रही है, इससे बाढ़ प्रभावित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। पहाड़ी नाले भी उफान पर हैं, जिससे भिनगा-लक्ष्मणपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।
तराई के मैदानी क्षेत्र व नेपाल के पहाड़ों पर जारी बारिश के चलते राप्ती ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। रविवार रात हुई बारिश के बाद से राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान 127.70 मीटर से 60 सेमी ऊपर 128.30 मीटर पर पहुंच गई है।
राप्ती के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से भिनगा-मल्हीपुर मार्ग पर वीरपुर के पास कटी सड़क पर पानी बहने लगा है। इसके चलते सड़क पर बड़े वाहनों का आवागमन प्रभावित है। स्थानीय लोग नाव के सहारे पैदल राहगीर व साइकिल-बाइक सवारों को रास्ता पार करवा रहे हैं।
नदी के कछार में बसे दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिला प्रशासन भी राप्ती के जलस्तर को देखते हुए बचाव की तैयारियों में जुट गया है।
हथियाकुंड नाला उफनाया, लक्ष्मणपुर का संपर्क कटा
भिनगा-लक्ष्मणपुर मार्ग पर जंगल के बीच स्थित हथियाकुंड नाला भी उफान पर है। रविवार रात हुई बारिश के बाद से ही नाले में पानी बढ़ने लगा। दोपहर होते-होते नाले ने उफान मार दिया और डिप पर लगभग आठ फुट पानी बहने लगा। इसके चलते रामप्रसादपुरवा, अयोध्यापुरवा, बकवा, चिड़ीमारपुरवा, बुटहर, लोहनिया खपरीपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन बाधित है।
10 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही राप्ती
राप्ती नदी के जलस्तर में सोमवार सुबह से ही लगातार वृद्धि हो रही है। राप्ती बैराज पर सुबह नौ बजे जलस्तर खतरे के निशान 127.70 मीटर के सापेक्ष 127.60 मीटर दर्ज किया गया था, जो दोपहर 12 बजे तक 128.00 मीटर तक पहुंच गया। दोपहर तीन बजे तक जलस्तर स्थिर रहा, लेकिन तीन बजे के बाद एक बार फिर 10 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से वृद्धि शुरू हो गई। शाम पांच बजे राप्ती का जलस्तर 128.20 मीटर, तो शाम छह बजे 128.30 मीटर दर्ज किया गया।