जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा क्षेत्र के मधवापुर घाट पर बने पुल के मुहाने को राप्ती काट रही है। इससे पुल के अस्तित्व को लेकर संकट उत्पन्न हो गया है। इतना ही नहीं नदी की बाढ़ के कारण क्षेत्र के कई मार्ग जर्जर हो चुके हैं। इन पर आवागमन दूभर है। समस्या से निजात के लिए कई बार सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। इसके बावजूद इसे नजर अंदाज किया जा रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो क्षेत्रीय लोग सड़क पर उतर कर जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके बाद भी सुनवाई न हुई तो तहसील परिसर में आमरण अनशन व भूख हड़ताल की जाएगी।
यह बातें उप जिलाधिकारी आरपी चौधरी को सौंपे ज्ञापन में जमुनहा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहीं हैं। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा है कि राप्ती प्रति वर्ष क्षेत्र में कहर बरपाती है। जिससे क्षेत्र के प्रमुख व संपर्क मार्ग न सिर्फ क्षतिग्रस्त हो गए हैं, बल्कि उन पर बने बड़े बड़े गड्ढों के कारण मार्ग पर आवागमन भी दूभर बना हुआ है। विगत वर्ष से राप्ती मधवापुर घाट पर बने पुल के मुहाने को काट रही है। इतना ही नहीं यहां नदी अपनी धारा भी बदल रही है।
जिससे न सिर्फ मधवापुर घाट पुल के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया, बल्कि क्षेत्रीय किसानों को भी भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। जमुनहा बहराइच मुख्य मार्ग जगह जगह जर्जर हो चुका है। मार्ग पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। इन समस्याओं से निजात के लिए क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ ही उच्च अधिकारियों से मिल कर न सिर्फ समस्या से अवगत कराया, बल्कि उन्हें इसके लिए ज्ञापन भी सौंपा है।
चार वर्ष से दिए जा रहे इन ज्ञापनों पर क्षेत्रवासियों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। यदि अविलंब समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को विवश होंगे। यदि फिर भी बात न बनी तो तहसील परिसर में आमरण अनशन व भूख हड़ताल भी की जाएगी। ज्ञापन की प्रति कार्यकर्ताओं ने विधायक भिनगा मोहम्मद असलम रायनी, विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय व अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को भी भेजी है। ज्ञापन देने वालों में प्रहलाद सिंह, रामप्रताप सिंह, रामकुमार शर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहें।