श्रावस्ती। केंद्र सरकार ने जीएसटीएन को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जोड़ दिया है। इसका विरोध जताते हुए व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को समाजवादी व्यापार सभा के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन की समाप्ति से पहले व्यापारियों ने अपनी मांग का राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क को धन शोधन निवारण अधिनियम से जोड़ दिया है। इससे अब जीएसटी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय भी सीधा दखल दे कर व्यापारियों को उत्पीड़ित करेगा। व्यापारियों का कहना था कि जीएसटी में पीएमएलए के तहत ईडी के दखल से षड्यंत्र के तहत किसी फर्म, व्यापारी व संस्था के खिलाफ प्रताड़ना के तहत सीधे कार्रवाई होगी। जो सरासर गलत है।
इससे सरकार के व्यापारी समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता उजागर होती है। आरोप लगाया कि नयी व्यवस्था से जहां एक बार फिर से इंस्पेक्टर राज व भ्रष्टाचार को बढ़ेगा मिलेगा वही व्यापारियों का उत्पीड़न भी बढ़ेगा। विरोध प्रदर्शन में समाजवादी व्यापार सभा के अध्यक्ष अमित कसौधन, खुर्शेद आलम नईमी, अब्दुल लतीफ, सद्दाम नईमी, पदुम नारायण, राम विलास, सरदार रायनी सहित अन्य बड़ी संख्या में अन्य व्यापारी शामिल रहे।