श्रावस्ती। कोर्ट के निर्देश बाद नए सिरे से तैयार हो रही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची से चुनाव तैयारी में जुटे संभावित परेशानहाल हैं। शासन स्तर से जारी नए दिशा निर्देश बाद तैयार होने वाले सीटों के आरक्षण से तीस फीसदी तक प्रधान पदों में आरक्षण बदलना तय माना जा रहा है। नए फार्मूला बाद कई सामान्य सीटों के आरक्षित और आरक्षित के सामान्य होने का अंदेशा सभी की परेशानी बना है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पिछड़ा व सामान्य वर्ग से जुड़ी सीटों पर पड़ेगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पूर्व में जारी रोस्टर व मौजूदा रोस्टर में केवल 1995 से लेकर 2010 तक के ही आंकड़ों का अंतर है। यदि इन आंकड़ों को हटा दिया जाए तो दोनों रोस्टर सामान्य पद्धति पर लागू है। ऐसे में जब पिछली बार आरक्षण जारी किया गया था। आरक्षित गांव पंचायतों को क्रमवार बनाया गया था व 2011 के जनगणना को आधार मान कर उसे अवरोही क्रम में चुना गया था।
नयी व्यवस्था बाद अब 2015 व 2011 की जनगणना को आधार मानकर आरक्षण तय किया जाना है। ऐसे में यदि कोई ग्राम पंचायत 2015 में अनुसूचित जाति के आरक्षित थी तो उसे रोष्टर के मुताबिक इस आरक्षण में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए ।
सीटों का आरक्षण इस बात पर निर्भर करेगा कि उक्त विकास खंड में जिसका आरक्षण हो रहा है, उसमें पिछड़ा वर्ग के लिए ज्यादा जनसंख्या वाली कितनी और पंचायतें पहले से मौजूद हैं। ऐसे में जिस ग्राम पंचायत की पिछड़े वर्ग की जनसंख्या अधिक होगाी। वहां से आरक्षण तय किया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि लगभग तीस फीसदी पंचायतों का आरक्षण इस फार्मूले से बदल जाएगा।
आरक्षण के लिए जारी मौजूदा गाइड लाइन साफ व सरल है। घर बैठे ही अपने आने वाले रोस्टर को जाना जा सकता है। इसके लिए वर्ष 2011 की जनगणना होना आवश्यक है। आरक्षण अनुसूचित जाति महिला से प्रारंभ होना है। 2015 में जो जिस वर्ग के लिए आरक्षित था उससे आगे के रोस्टर में आरक्षण जाएगा। इसके लिए विकास खंडवार आरक्षण बनाने के लिए 2011 की जनगणना रोस्टर के मुताबिक अवरोही क्रम में लगाना होगा। जितने प्रतिशत पर आकर कट आफ मेरिट बनेगी वही आरक्षण होगा।
आरक्षण को लेकर सभी अपनी तरफ से अटकलें लगाने में जुटे हैं। संभावित प्रत्याशी अपने सीट को मनचाहे स्तर पर आरक्षित कराने के लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। यहां तक कि कुछ लोगों ने अपने आंकलन के अनुसार तैयार ब्लाक प्रमुख की सूची भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी पद के लिए कोई भी आरक्षण सूची जारी न होने की बात कही गयी है।
आरक्षण का फार्मूला सार्वजनिक है। कोई भी व्यक्ति अपने स्तर पर भी आरक्षण को बना कर देख सकता है। प्रशासन द्वारा रोस्टर के मुताबिक सीट आरक्षण सूची जल्दी तैयार कर जारी की जाएगी।
ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ