कलेक्ट्रेट में महिलाओं की समस्या सुनती राज्य महिला आयोग सदस्य
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श्रावस्ती। समस्याओं से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को त्वरित न्याय देने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इसलिए संबंधित अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वह महिलाओं व बालिकाओं की छोटी-बड़ी सभी शिकायतों को गंभीरता से लें। साथ ही त्वरित कार्रवाई कर उन्हें सुलभ न्याय दिलाएं। जिससे महिलाओं एवं बालिकाओं को न्याय के लिए भटकना न पड़े और उनका मान सम्मान कायम रहे।
यह बातें कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत महिलाओं व बालिकाओं की समस्याओं व शिकायतों से रूबरू होते हुए तथा उनका निराकरण करने एवं महिलाओं से संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करने के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य कुमुद श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि अब बालिकाओं व महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। महिलाएं एवं बालिकाएं घर की लक्ष्मी हैं। लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि बिना भेदभाव बहन बेटी को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के साथ ही उनका सुरक्षा कवच भी बने। जिससे कोई भी बहन बेटी का मान सम्मान धूमिल न होने पाए।
बहन बेटियों के मान को बनाये रखने के लिए व उनकी सुरक्षा के लिए 1090, 181 का संचालन हो रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी बहन बेटी के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है तो वह बेझिझक इन टोल फ्री नंबर का उपयोग कर संबंधित व्यक्ति को जेल भेजवा सकती है। यदि उनको समय से न्याय नहीं मिलता है तो वह राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। ऐसे प्रकरणों पर निश्चित ही महिला आयोग समस्या से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को न्याय दिलाएगा। इस दौरान उपजिलाधिकारी व प्रभारी अधिकारी नजारत आरपी चौधरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहन त्रिपाठी, प्रभारी महिला थाना केके यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संत कुमार सहित फरियादी मौजूद रहे।