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आदेश पहुंचा देर से, 113 की हुई काउंसलिंग

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श्रावस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जिले में भी शुरू हो गई थी। जनपद में 280 शिक्षकों के लिए सीट आवंटित की गई थी। इसके सापेक्ष 276 अभ्यर्थियों के नामों की सूची काउंसलिंग के लिए भेजी गई थी। अपने निर्धारित समय पर बुधवार सुबह दस बजे काउंसलिंग शुरू हुई। बारह बजे तक सोशल मीडिया के माध्यम से खबर आने लगी कि हाईकोर्ट ने काउंसलिंग पर रोक लगा दी है।
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इसके बाद भी जिले में दो बजे तक कोई भी अधिकृत सूचना स्थगन आदेश की नहीं आई तो विभाग ने अपनी काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रखी। दो बजे तक जिले में 276 के सापेक्ष 113 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी पूरी हो गई। इसी के बाद स्थगन आदेश की सूचना आते ही काउंसलिंग प्रक्रिया रोक दी गई। प्रक्रिया रुकते ही काउंसलिंग के लिए आए अभ्यर्थियों के चेहरे मुरझा गए।
जिले में काउंसलिंग कराने के लिए मंगलवार से ही अभ्यर्थी आना शुरू हो गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनका कॅरिअर संवर जाएगा। बुधवार सुबह जूनियर हाईस्कूल में दस बजे से काउंसलिंग होनी थी। लेकिन सुबह सात बजे से अभ्यर्थी अपनी अपनी फाइलें लेकर डट गए थे। हर कोई अपने अभिलेखों का परीक्षण कर फाइल जमा करना चाहता था, ताकि कोई कमी न रह जाए। बारह बजे सोशल मीडिया पर भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगाने की खबरें आने लगी थी।
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इस खबर को लेकर अभ्यर्थियों में बेचैनी तो बढ़ी थी, लेकिन इस स्थगन आदेश की कोई अधिकृत सूचना बेसिक शिक्षा विभाग में न होने के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया को जारी रखा गया। इसके चलते अभ्यर्थियों में कुछ संशय की स्थिति रही। वहीं हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की अधिकृत सूचना आने के बाद बीएसए ने तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया रोक दी, इस दौरान अपना अभिलेख जमा कर चुके अभ्यर्थी ऊहा पोह की स्थिति में आ गए। कई अभ्यर्थी तो अपना मूल अभिलेख वापस मांगने के लिए बीएसए के पास पहुंच गए, लेकिन काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने व शासन से कोई निर्देश न होने के कारण अभ्यर्थियों के मूल अभिलेख वापस न हो सके।
काउंसलिंग बंद होने के बाद अभ्यर्थियों में निराशा साफ देखने को मिल रही थी। कुछ के मन में था कहीं ऐसा न हो कि आज हम वापस जाए और कल फिर से प्रक्रिया प्रारंभ हो जाए। अपनी इस दुविधा को लेकर एक अभ्यर्थी बीएसए के सामने पहुंचा। उसने कहा साहब यहां से जौनपुर बहुत दूर है। यदि कल परसों में काउंसलिंग फिर से हो तो यहीं कहीं रुक जाऊंगा। वहां गांव में रहता हूं, सूचना जल्दी नहीं मिल पाती है। इस पर बीएसए ओमकार राणा ने उसे आश्वस्त किया कि अभी घर जाओ, जब भी तिथि आएगी तो आपको पूरा मौका मिलेगा।
बीएसए ओमकार राणा ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश जब तक प्राप्त नहीं हुआ था, तभी तक काउंसलिंग की गई। इस दौरान 113 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हुई है। आदेश मिलते ही काउंसलिंग बंद कर दी गई है। अब आगे जो शासन का निर्देश होगा वह कार्रवाई की जाएगी।
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