रामपुर मोड़ से लक्ष्मनपुर गंगापुर मार्ग की उजड़ीं गिट्टियां।- संवाद
गिरंट बाजार/तुलसीपुर। आकांक्षात्मक जिला श्रावस्ती में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, नवीनीकरण, लेपन समेत विभिन्न कार्यों के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है। बावजूद इसके जिले की कई प्रमुख सड़कें बदहाल हैं। आलम ये है कि कई सड़कों पर डामर के नाम पर सिर्फ गिट्टियां व बजड़ियां बची हैं। कई सड़कों पर मानक विहीन पैचिंग कार्य के चलते बजड़ियां बिखर गई हैं, जो वाहन चालकों के लिए आफत बन रही हैं। गड्ढों में गिरकर वाहन चालक घायल होते रहते हैं। यही नहीं, वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है। प्रस्तुत है पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट...
नानपारा-बदला चौराहा मुख्य मार्ग स्थित धन्नीपुरवा से बंजारनपुरवा पावर हाउस तक जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। यह धन्नीपुरवा, नरायनपुरवा, लिहारे गांव, बालेपुरवा, खांसाहेबपुरवा, मंशापुरवा, बंजारनपुरवा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग है। गांव निवासी राम बघैल यादव, बिन्नू, रक्षाराम यादव व हरीराम यादव आदि ने बताया कि प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक बाइक व साइकिल सवार गिरकर घायल हो जाते हैं।
नानपारा-बदला चौराहा मार्ग स्थित पटपरगंज से हरवंश गांव जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। सड़क पर बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं, जो अब जानलेवा साबित होने लगी हैं। राहगीर राजू खान, आरिफ खान व बाबू आदि ने बताया कि गड्ढों के चलते वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ गया है, वाहन जर्जर भी हो जा रहे हैं। साथ ही बिखरी बजड़ियों के चलते राहगीर गिरकर घायल होते रहते हैं।
जमुनहा-बहराइच मुख्य मार्ग स्थित रामपुर मोड़ से लक्ष्मणपुर गंगापुर जाने वाली सड़क भी गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क के दोनों किनारे धंस गए हैं और उस पर जानलेवा बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। राहगीर नवाब अली, नरेंद्र चौबे व शिवचरन आदि ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।