श्रावस्ती। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से उन्हें मखाना व स्ट्राबेरी समेत अन्य फल व सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
तराई के किसानों को बागवानी की ओर भी आकर्षित किया जा रहा है। इससे किसानों की कम लागत में आय तो बढ़ेगी ही साथ ही उन्हें अनुदान देकर आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा। शासन की ओर से जिला उद्यान विभाग को 188 हेक्टेयर भूमि पर मखाना, स्ट्राबेरी, टिश्यू कल्चर केला, शंकर शाक-भाजी सहित अन्य फल व सब्जियों की खेती का लक्ष्य मिला है। इसके लिए विभाग की ओर से पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को संबंधित फसलों में निर्धारित अनुदान भी दिया जाएगा।
इन फसलों की किसान कर सकते हैं खेती
जिले में टिश्यू कल्चर केले की फसल सामान्य वर्ग के लिए 60 व एससीएसटी वर्ग के लिए 10 हेक्टेयर निर्धारित है। जिसमें प्रति हेक्टेयर श्रेणीवार अनुदान दिया जाएगा। शंकर शाक- भाजी की फसल के लिए सामान्य के लिए 80 व एससीएसटी वर्ग के लिए 20 हेक्टेयर भूमि पर खेती कराई जाएगी। इसी तरह से स्ट्राबेरी की फसल के लिए सामान्य को दो व एससीएसटी को एक हेक्टेयर पर खेती कराई जाएगी। पपीता, बेल, बेर, आम, मखाना व सिंघाड़ा की खेती के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर किसानों का चयन किया जाएगा। सभी फसलों पर अलग-अलग श्रेणीवार अनुदान दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यालय व विभाग की बेवसाइट पर भी संपर्क कर सकते हैं।
- बाली शरण चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी