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निर्वाण से बढ़कर सुखद कुछ नहीं : दीपालोक

Fri, 07 Nov 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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तपोस्थली में पूजा करते अनुयायी।- संवाद
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कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को वियतनाम से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो की अध्यक्षता में गंध कुटी पर पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
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बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु दीपालोक महाथेरो ने कहा जीवन में पवित्रता रखना धम्म है। शरीर, वाणी और मन की पवित्रता जीवन में विशेष रूप से जरूरी हैं। निर्वाण में रहना भी धम्म है। निर्वाण से बढ़कर सुखद कुछ नहीं होता है।

उन्होंने आगे कहा कि तृष्णा और लोभ का त्याग करना, कर्म को नैतिक व्यवस्था का साधन मानना भी धम्म है। ईश्वर में विश्वास धम्म का आवश्यक अंग नहीं है। ब्रह्म में लीनता पर आधारित धर्म मिथ्या है। निराधार कल्पना पर आश्रित विश्वास करना, धम्म की पुस्तकों का अध्ययन, ग्रंथों को गलती की संभावना से परे मानना धम्म नहीं है।
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सभा के बाद अनुयायियों ने बौद्ध तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।
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